भाजपा में विवाद पूर्व मंडल अध्यक्ष ने लगाया पूर्व सांसद और जिलाध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप
बस्ती - बस्ती में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा किरन सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी और जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संगठन में जगह नहीं मिलने से कार्यकर्ता नाराज हैं और पार्टी की गतिविधियों में इसका असर पड़ सकता है।
किरन सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि बस्ती जनपद में भाजपा कमजोर हो रही है, जिसका कारण है कि काम करने वाले कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी और जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र अपने चहेतों को पदाधिकारी बना रहे हैं, जबकि परिक्रमा करने वाले लोगों को ही महत्व दिया जा रहा है।
इस विवाद के बीच, प्रदेश मुख्यालय से जारी लिस्ट में नियुक्त पदाधिकारियों को सोशल मीडिया और अखबारों में बधाइयों का तांता लगा है। हालांकि, दबी-जुबान भाजपाई इस लिस्ट को पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी की अपनी टीम बता रहे हैं। उनका कहना है कि पूर्व सांसद ने अपने विरोधियों को संगठन से विदा कर अपने चहेतों और जी हूजूर करने वालों को मौका देकर विरोधियों को पस्त कर दिया है।
इस मामले में पूर्व मंडल अध्यक्ष किरन सिंह का कहना है कि जो व्यक्ति भाजपा का कार्यकर्ता तक नहीं है, वह सभासद मनोनीत हो रहा है, जिससे कार्यकर्ता आहत हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से इस पर संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
इस विवाद के बाद, बस्ती में भाजपा की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी की गतिविधियों पर इसका असर पड़ सकता है।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी में विवाद की खबरें गलत हैं और जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस विवाद के बाद बस्ती में भाजपा की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है।





