भगवा झंडा हटाने पर मंत्री ने लगाई डीएम और एसडीएम को फटकार
राउरकेला के वेदव्यास मंदिर रोड से श्रीराम नवमी के अवसर पर लगाए गए भगवा झंडों और गेरुआ पताकाओं को हटाए जाने को लेकर रविवार को विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय सनातन समाज और श्रद्धालुओं ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम बताया। मामला उस समय और गर्मा गया जब राज्य के शहरी विकास मंत्री डॉक्टर कृष्ण चंद्र महापात्र के समक्ष इसकी शिकायत पहुंची।
जानकारी के अनुसार, मंत्री के राउरकेला दौरे से पूर्व 10 मई को राउरकेला महानगर निगम की इन्फोर्समेंट टीम ने वेदव्यास मंदिर रोड पर लगे श्रीराम नवमी के भगवा झंडों और पताकाओं को हटाने की कार्रवाई की। स्थानीय लोगों ने टीम का विरोध भी किया, लेकिन इसके बावजूद झंडे हटाए गए। बताया गया कि इन्फोर्समेंट टीम के सदस्यों ने यह कार्रवाई राउरकेला महानगरपालिका आयुक्त के निर्देश पर किए जाने की बात कही।
इस घटना से सनातन समाज में भारी नाराजगी फैल गई। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर प्रशासन और आरएमसी की यह कार्रवाई सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाती है तथा इससे भाजपा सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। श्रद्धालुओं का कहना था कि श्रीराम नवमी के अवसर पर लगाए गए धार्मिक ध्वज श्रद्धा और आस्था का प्रतीक हैं, जिन्हें हटाना अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है।
रविवार दोपहर एसटीआई चौक पर मंत्री डॉक्टर कृष्ण चंद्र महापात्र के पहुंचने पर स्थानीय सनातनियों ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत सुनते ही मंत्री ने नाराजगी जाहिर की और मौके पर मौजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों, डीएम और एडीएम सह महानगर निगम आयुक्त को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई।





