थाना प्रभारी ने क्यों दी घर तोड़ने वाली झूठी खबर राजकुमारी प्रकरण से जुड़ा है पूरा मामला
राउरकेला पुलिस जिला अंतर्गत आनेवाले बंडा़मुंडा़ थाना के निरीक्षक प्रभारी के विरूद्ध वरिष्ठ पत्रकार हरहर शम्भू कुमार चौधरी ने पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई है कि -
27/02/2023 , के दिन 12:23 PM बजे बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी निरीक्षक बूलू कुमार स्वांईं ने मोबाइल नंबर "7008958124" से मेरे मोबाइल नंबर "9337396034" में कॉल कर मुझे यह सूचना दी थी,कि राउरकेला इस्पात प्रबंधन (RSP) द्वारा बंडा़मुंडा़ थाने को मेरे घर को तोड़ने का आदेश दिया गया है। प्रमाण के लिए पुलिस अधीक्षक को काॅल रिकार्डिंग प्रेशित की गई है।
(आप भी ध्यान से सूने तो पता चलता है कि आरटीआई का जवाब गलत पते पर भेज दिया गया था। ताकि जबाब देने से बचा जा सके)
जब मैंने इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी तो बंडा़मुंडा़ थाना के लोक सूचना अधिकारी द्वारा "DR NO-497/PS" में जवाब दिया गया है कि सूचना के अधिकार के तहत आवेदक कंपनी द्वारा दी गई जानकारी हमारे पास उपलब्ध नहीं है, इसलिए प्रदान नहीं की जा सकती।

इस शिकायत के अंत में उन्होने पुलिस अधीक्षक के समक्ष यह प्रश्न उठाया है कि बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी निरीक्षक बूलू कुमार स्वाईं द्वारा मुझे गलत सूचना देने के पीछे क्या उद्देश्य है, कृप्या स्पष्ट करे।
अब देखना यह है कि सरकार ने जनता को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिसके हाथ में समाज में विधि व्यवस्था बनाए रखने की कमान शौपी है वही इसके विपरीत कार्य कर रहा है इसके लिए उच्चाधिकारी क्या कार्यवाही करते है।
बहु चर्चित राजकुमारी प्रकरण वाली यह वही घर है जिसपर राजकुमारी चौधरी का अवैध कब्जा है।
इससे पहले भी हरहर शम्भू कुमार चौधरी ने मानवाधिकार आयोग में 22/02/2023 को यह शिकायत दर्ज कराई है कि राजकुमारी चौधरी अपने अपाहिज बेटी को ढाल बनाकर उस घर में कुछ लोगों की मदद से बलपूर्वक कब्जा कर रह रही है।
पुलिस उसके घर को राउरकेला इस्पात संयंत्र प्रबंधन से शिकायत कर तुडवा देने की धमकी दे रहा है। इस शिकायत के अंत में श्री चौधरी ने राजकुमारी चौधरी एवं पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख करते हुए लिखा है कि उल्लिखित कारणों से वह अपनी नव विवाहिता के साथ किराए के घर में रह रहा है, इसलिए राजकुमारी चौधरी के कब्जे से उसके घर को खाली कराया जाए और पुलिस से उसकी रक्षा की जाए।
श्री चौधरी ने सुंदरगढ़ जिला कलेक्टर के पास जनसुवाई पोर्टल के माध्यम से 20/03/2023 को आॅनलाइन शिकायत दर्ज करवाई है कि उस घर में उसका कार्यालय है जहां राजकुमारी चौधरी के कारण कार्यालय का कार्य ठप पडा़ है।स्थानीय पुलिस से शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नही की जाती उल्टे उन्ही के ऊपर झूठा केश दर्ज कर पुलिस उसे झूठे केश में फंसा रही है। इस खबर को कई मीडिया हाउस ने "पत्रकार की मौलिक अधिकारों की सुरक्षा नही कर पाई पुलिस पत्रकार ने लगाई जिलाधिकारी से न्याय की गुहार"शिर्षक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
इस झगड़े की शुरुआत हुई 17/01/2022 को ,जब राजकुमारी चौधरी हरहर शम्भू की गैर मौजुदगी में ताला तोड़ कर उसके घर में कब्जा जमा ली।इस मामले में श्री चौधरी ने बंडा़मुंडा़ थाने में यह लिखित शिकायत दी थी की उसके घर को उसकी अनुपस्थिति में राजकुमारी चौधरी द्वारा ताला तोड़कर अवैद्य रूप से कब्जा कर लिया गया है।इसी समय राजकुमारी के पति ने भी थाने में लिखित शिकायत दी थी कि वह दो वर्षो से अलग एक किराए के मकान में रह रहा है वो अपनी पत्नी को साथ रखना चाहता है पर उसकी पत्नी उसके साथ रहने के लिए राजी नही हो रही है।

जिसपर एक आडियो वायरल हुई थी,जिसमें राजकुमारी चौधरी यह कह रही है कि "हम सर्कल से परमिशन ले के ताला तोडे़ है तो वो मेरा क्या कर लेगा।
यह सारी खबरे उस वक्त मीडिया की सुर्खियां बनी हुई थी।
यहाँ प्रश्न उठता है कि बंडा़मुंडा़ थाने की पुलिस राजकुमारी चौधरी को उस घर का कब्जा दिलाने में इतनी मेहनत क्यों कर रही है? पुलिस ने किस अधिकार से राजकुमारी को ताला तोड़ने की इजाजत दी।
राजकुमारी चौधरी अपने पति के साथ क्यों नही रहती? और उस घर में किसी को रहने क्यों नही देती। पुलिस राजकुमारी को उसके पति के पास भेजने के बजाए उसे अकेली रहने में मदद क्यों कर रहा है।
जिस घर को राजकुमारी चौधरी ने कब्जा कर रखा है वह उसके ससूर का घर है जिसे परिवार की सहमति से हरहर शम्भू को दी गई है। पर पारिवारिक मामले में पुलिस बार बार राजकुमारी का पक्ष लेते हुए किस अधिकार से हस्तक्षेप कर रहा है,और क्यों कर रहा है?
जबकि राजकुमारी चौधरी अपने पति के साथ विवाह के कुछ ही महिनो के बाद परिवार से अलग हो चुकी थी। पर अब उसघर को हथियाने के लिए एक के बाद षडयंत्र रच रही है। राजकुमारी द्वारा रची गई इस षड़यंत्र में स्थानीय स्थानीय पुलिस की भूमिका को संदेह की नजरों से देखा जा रहा है।
क्योकि उसके पति ने भी लिखित तौर पर पुलिस को वारदात के दूसरे दिन शिकायत दी थी कि वह अपने अभिभावक द्वारा उस घर से निकला गया है और उस घर का पुनर्निर्माण उसके छोटे भाई ने करवाया है। अलग होने के बाद भी उसके भाईयो ने उसकी हर समय मदद की है, वह अपनी पत्नी के उपद्रवी व्यवहार की वजह से सह परिवार उस घर को अपने छोटे भाई को शौप कर जा रहा है।
पर राजकुमारी है कि उस घर में मौका पाकर बार बार ताला तोडकर कब्जा करने की कोशिश करती है जबकि उसे घर खाली करने का नोटिस भी दिया जा चुका है।
यहाँ सबसे बडा़ सवाल यह उठता है कि राजकुमारी चौधरी ना तो अपने पति के साथ रहती है और ना ही देवर देवरानी को रहने देती है। आखिर उस घर में वह अकेली क्यों रहना चाहती है?
और हरहर शम्भू को अपनी नवविवाहित पत्नी को लेकर क्यों रहना पड़ रहा है किराए के मकान में। देखे यह वीडियो।
पूरा ममाला देखा जाए तो कुछ भ्रष्ट पुलिस वाले अपने पद का दुरूपयोग कर राजकुमारी को उसके पति के पास भेजने के वजाए उसे उस घर को कब्जा करने में पूरी मदद कर रहे है,और घर के असली हकदार पर बार बार झूठा शिकायत दर्ज कर उसे परेशान कर रहे है, ताकि उस घर में ना रह पाए,और उसघर में राजकुमारी का कब्जा हो जाए जहाँ वह अकेली रह सके, पर क्यो ?
यह जाँच का बिषय है। हरहर शम्भू ने मीडिया के माध्यम से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।





