तीन दिनों से जलापूर्ति बंद होने से मचा हाहाकार
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
राजगांगपुर शहर में पिछले तीन दोनों से पेयजल आपूर्ति बंद है। जिससे स्थानीय लोगों में साफ पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।और विभागीय अधिकारी के मुकदर्शक बने रहने से लोगों में असंतोष देखा जा रहा है।
सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर में विगत तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति बंद हो जाने से शहरवासियों को जल से संबंधित कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि जिला स्वास्थय अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सह राजगांगपुर स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों की मौजूदगी में ठेकेदार के जरिए पानी पाइप लाइन बिछाई गई थी।
शहर वासियों का कहना है कि पीएचडी विभाग अधिकारियों द्वारा किया गया निम्न स्तर के कार्यों कि वजह से पानी सप्लाई का पाईप फट गया इस वजह से शहर में पिछले करीब 72 घंटों से जलापूर्ति बंद है। समाचार लिखे जाने तक पानी सप्लाई बंद रहने से लोगों में हाहाकार मचा हुआ है और विभागीय अधिकारी जान कर अंजान बने हुए हैं। इस जल प्रकल्प के शुरुआती दौर में ही कुछ स्थानीय बुद्धिजीवियोंने ने तथा सामाजिक संगठनो ने जिला प्रशासन को लिखित शिकायत कर ध्यान आकृष्ट किया था कि पानी पाइप लाइन बिछाने का कार्य निम्न स्तर का हो रहा है। उसके बाबजूद भी अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष व्याप्त है।
ठेका के अनुसार ठेकेदार को पानी पाईप बिछाने का कार्य दो वर्ष में खत्म करना चाहिए था। लेकिन वर्तमान समय में चार साल बीत चुके हैं और पाइए लाइन बिछाने का काम अधर में लटका हुआ है।
शहर के हर गली चौराहे और सड़कों पर पाइप लाइन बिछाने के बाद से ही जगह जगह पर गढ्ढे दिखाई दे रहे हैं। सही मायने में देखा जाए तो ये कहना मुश्किल है कि गड्ढे़ में सड़क है या सड़क में गड्ढे है।
इनके इस तरह के घटिया काम किए जाने कि वजह से स्कूली बच्चे, बड़े बुजुर्ग,रोगी , विकलांग लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दुर्घटना की संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता है।
इस मेगा प्रोजेक्ट में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग वरिष्ठ समाज सेवी तथा पूर्व पार्षद रमेश सोनी ने जिला प्रशासन से की है।





