डालमिंया भारत लिमिटेड प्रदूषण नियंत्रण प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित

डालमिया भारत को प्रतिष्ठित ‘प्रदूषण नियंत्रण प्रशंसा पुरस्कार - 2024’ से सम्मानित किया गया

डालमिंया भारत लिमिटेड प्रदूषण नियंत्रण प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित

भारत की अग्रणी सीमेंट कंपनियों में से एक डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड (डीसीबीएल) को ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (ओएसपीसीबी) द्वारा प्रतिष्ठित ‘प्रदूषण नियंत्रण प्रशंसा पुरस्कार - 2024’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान संयंत्र के ओडिशा में अपनी लांजीबरना चूना पत्थर और डोलोमाइट खदानों में प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण उपायों और ध्वनि प्रबंधन प्रथाओं को लागू करने में निरंतर प्रयासों के लिए दिया गया।

यह पुरस्कार माननीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, श्रम और कर्मचारी राज्य बीमा मंत्री श्री गणेश राम सिंह खुंटिया द्वारा डीसीबीएल के एईडी और लांजीबरना खान प्रमुख श्री ओमप्रकाश रामरावजी खेलकर को मुख्य सचिव श्री मनोज आहूजा आईएएस, श्री सत्यब्रत साहू आईएएस तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव और डॉ. के मुरुगेसन आईएफएस तथा सदस्य सचिव ओएसपीसीबी सहित प्रतिष्ठित सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

इस उपलब्धि पर डीसीबीएल के कार्यकारी निदेशक और राजगांगपुर के यूनिट हेड श्री चेतन श्रीवास्तव ने कहा, "डालमिया भारत में, स्थिरता हमारे सभी कार्यों के मूल में है। हम जिम्मेदार खनन और पर्यावरण प्रबंधन प्रथाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं, और हमारे प्रयासों के हिस्से के रूप में ईंधन-कुशल मशीनरी, नवीकरणीय ऊर्जा और जैव विविधता के संरक्षण को अपनाने को प्राथमिकता देते हैं। यह पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और पर्यावरण तथा हमारे द्वारा सेवा प्रदान किए जाने वाले समुदायों पर सकारात्मक और स्थायी प्रभाव डालने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।"

डालमिया भारत अपनी लांजीबरना खदानों में स्थिरता संबंधी पहलों को सक्रिय रूप से अपनाकर टिकाऊ खनन के लिए प्रतिबद्ध है। ईंधन-कुशल हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी (HEMM) के उपयोग से CO2 उत्सर्जन कम होता है, जबकि गैर-पारंपरिक खनन विधियों से ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। शून्य-अपशिष्ट खनन नीति लागू है, जिसे सौर ऊर्जा और अपशिष्ट ऊष्मा पुनर्प्राप्ति प्रणाली (WHRS) जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण के साथ-साथ 78% हरित ईंधन के उपयोग द्वारा समर्थित किया जाता है। 20 लाख क्यूबिक मीटर वर्षा जल के संचयन के माध्यम से जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जाती है। इसके अतिरिक्त, कंपनी AAQMS के माध्यम से वायु गुणवत्ता की कठोर निगरानी करती है और जैव विविधता को बढ़ाने के लिए खनन क्षेत्रों से परे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाती है। डालमिया भारत स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने के लिए खान पर्यावरण और खनिज संरक्षण सप्ताह और विश्व पर्यावरण दिवस के दौरान जागरूकता अभियान भी आयोजित करता है।

कंपनी वैश्विक स्तर पर सीमेंट क्षेत्र में अग्रणी 'हरित पहलों' में सबसे आगे रही है। डालमिया भारत पहला सीमेंट समूह है जो 2040 तक कार्बन-नकारात्मक बनने के लिए प्रतिबद्ध है।