छत पर सौर बिजली में ओडिशा देश में 7वें स्थान पर
सतीश शर्मा (उप संपादक)
ओडिशा ने रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 13वें से 7वें स्थान पर पहुंच गया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में करीब 1.74 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जबकि 3,12,527 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
हाल के महीनों में राज्य में सौर ऊर्जा को अपनाने की गति तेज हुई है। आवेदनों की संख्या 1,95,513 से बढ़कर 3,12,527 हो गई, जबकि इंस्टॉलेशन 72,538 से बढ़कर करीब 1.74 लाख हो गए। आवेदन से इंस्टॉलेशन में रूपांतरण दर भी 37.1 प्रतिशत से बढ़कर 53.4 प्रतिशत हो गई है। इस वृद्धि में केंद्र की सब्सिडी के साथ ओडिशा सरकार की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पात्र परिवारों को नियमों और क्षमता के आधार पर 3 किलोवाट सिस्टम के लिए कुल 1.38 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। राज्य ने वर्ष 2027 तक 3 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का लक्ष्य रखा है। टाटा पावर के अनुसार, राज्य की चार बिजली वितरण कंपनियों टीपीसीओडीएल, टीपी डब्ल्युओडीएल ,टीपी एनओडीएल और टीपीएसओडीएल इंस्टॉलेशन के साथ नेट मीटरिंग, निरीक्षण, कमीशनिंग, वेंडर प्रबंधन और उपभोक्ता सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें टीपीसीओडीएल ने 56,842
टीपी डब्ल्युओडीएल ने 48,905
टीपी एनओडीएल ने 44,785
और टीपीएसओडीएल ने 23,881 लगाये हैं।
ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों तक योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए ‘मो छत, मो संचय’, ‘सूर्य घर ग्राम सभा’ और ‘सोलर रथ’ जैसे जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं ‘सोलर दीदी’ कार्यक्रम के तहत महिलाओं को सोलर सिस्टम की स्थापना और रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिलों में बालेश्वर 16,069 इंस्टॉलेशन के साथ सबसे आगे है। इसके बाद गंजाम में 15,301, खुर्दा में 14,236 और कटक में 13,343 इंस्टॉलेशन हुए हैं। इन चार जिलों में कुल मिलाकर करीब 143 मेगावाट पीक क्षमता स्थापित हुई है। राज्य में रूफटॉप सोलर की कुल क्षमता अब करीब 410 मेगावाट पीक पहुंच गई है।
टाटा पावर के ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस प्रमुख गजानन काले ने कहा कि राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार और डेढ़ लाख से अधिक इंस्टॉलेशन उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र की आकर्षक सब्सिडी, बेहतर क्रियान्वयन तथा जमीनी स्तर पर जागरूकता से रूफटॉप सोलर को घर-घर पहुंचाने में मदद मिल रही है।





