चावल मिल मालिकों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन
सुशांत मल्लिक (संवाददाता)
वर्तमान समय में कालाहांडी जिला अंतर्गत आनेवाले कार्लामुंडा समेत पूरे कालाहांडी जिले में अनाज मंडियां शुरू हो गई हैं। लेकिन लगभग कई धानमंडियों में विवाद देखने को मिले हैं। कार्लामुंडा़ में भी कई चावल मिल शुरू की गई है,पर इनपर शूरू होते ही यह आरोप लग रहे हैं कि मिल मालिक अपने एजेंटों के माध्यम से खुलेआम किसानों से कह रहे हैं कि धान प्रति क्विंटल 5 से 7 किलो काटा जाएगा।
जबकि किसानों के मुताबिक हमारा धान मानक तय कर रहा है, इसलिए हम इन मिलों को धान काटने या न देने पर सहमत नहीं होंगे, सैकड़ों किसानों ने करलामुंडा तारधना मंदिर से विराट पटवाल तक जुलूस निकाला और ज्ञापन सौंपा।
इस बाबत किसानों ने करलामुंडा सामुदायिक विकास अधिकारी शिधेश्वर मेहर को और तहसील कार्यालय जाकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। किसानों का कहना है कि अगर हमारा धान प्रति क्विंटल 2 से तीन किलो काटा जाए तो हम अपना धान बेचने के लिए तैयार है। लेकिन अगर इससे ज्यादा होगी तो हम किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और हम इस विचार को अनिश्चित काल तक जारी रखेंगे.'' किसानों ने दावा किया कि हम कार्लामुंडा ब्लॉक में जगदंबा, हरिप्रिया और बांकी बिहारी चावल मिलों के पास धान नहीं बेचेंगे, इन मिलों के अलावा अन्य मिलों को हमारे धान की आपूर्ति की जाए।
आज नरला विधायक प्रतिनिधि के रूप में नरला प्रखंड़ अध्यक्ष दुर्गाप्रसाद मोहंती (मुना) ने विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की और उनकी मांगों को सुना और उन्हें हल करने पर चर्चा की। स्थानीय तहसीलदार अरुण बर्ज ने कहा कि किसानों से मांग पत्र मिलने के बाद उन चावल मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जहां शिकायत की गई है और मैं इस संबंध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करूंगा. इस विरोध प्रदर्शन में कार्लामुंडा ब्लॉक की 12 पंचायतों के सैकड़ों किसान शामिल हुए हैं। किसानों ने कहा है कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा।





