क्यों अशांत हुई बामडा
चक्रधरपुर रेल प्रभाग अंतर्गत आनेवाले बामडा़ रेलवे स्टेशन में ट्रेन ठहराव का मुद्दा थमने का नाम नही ले रही है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बामड़ा रेलवे स्टेशन में बिभिन्न ट्रेनो के ठहराव की मांग को लेकर कल धरना प्रदर्शन किया गया था। इस वजह से बामडा़ रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेने प्रभावित हुई। सुबह से लेकर शाम तक इस मार्ग से होकर सवारी या मालवाही किसी प्रकार की कोई ट्रेन नही गुजरी।
इस मामले का निपटारा करने के लिए सहायक प्रभाग रेल प्रबंधक अपने बिशेष निरिक्षण यान से बामडा़ रेलवे स्टेशन की ओर आ रहे थे कि उनके बिशेष यान की चपेट में आकर एक भूतपूर्व सैनिक की मौत हो गई और उसकी स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई।
शाम को किसी तरह कुछ ट्रेनो के ठहराव का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियो को शांत किया गया।
लेकिन आज सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टिकट देने के वावजूद बामडा़ स्टेशन में प्रस्तावित कोई ट्रेन ना रूकी। कई यात्रीयों का बामडा़ रेलवे स्टेशन से आरक्षित टिकट था तो कई यात्री दूसरे स्टोशनो से बामडा़ के लिए ट्रेन में बैठे थे पर बामडा़ रेलवे स्टेशन में ट्रेन ना रूकने से बामडा़ रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रीयो को झारसुगडा़, राजगांगपूर, राउरकेला आदि स्टेशनो मे उतरना पडा़। यह स्टेशन बामडा़ से काफी दूर है जिससे यात्रीयो को काफी परेशानी हुई। वही आरक्षित अनारक्षित टिकटे लेकर अपने ट्रेन के इंतजार में खड़े यात्री ट्रेन के ना रूकने से ठगे से रह गई।
इस वजह से यात्रीयो का गुस्सा बढ़ता रहा फलस्वरूप लोगों ने स्टेशन प्रबंधक कक्ष को ताला लगा दिया। देखते देखते लोगों की भीड़ बढ़ने लगी और तनाव बढ़ता रहा। रेलवे स्टेशन में तोड़ फोड़ होने लगा। इसी बीच स्थिति को नियंत्रण करने के लिए रेलवे पुलिस ने लाठी चार्ज कर दी।
जिससे लोगों का गुस्सा सातवाँ आसमान छू गया और पटरियो में आगजनी की गई स्टेशन और पटरी, सिग्नल खूंटे को नुकसान पहुँचाया गया। चक्रधरपूर रेल प्रभाग के रेलवे प्रबंधक के बामडा़ रेलवे स्टेशन आकर लोगों को शांत करने की कोशिश भी नाकाम रही।
फिलहाल बामडा़ में धारा 144 लगाया गया है। बामड़ा के ब्यापारिक प्रतिष्ठान, हाट बाजार, स्कूल सभी चीजें बीते कल से बंद है, ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बंद का असर कल भी रहेगा।





