कुर्मी जाति को अनुसूचित जाति अजजा में शामिल करने की मांग

कुर्मी जाति को अनुसूचित जाति अजजा में शामिल करने की मांग

प्रेस विज्ञप्ति :

सुन्दरगढ़ जिला के बिसरा प्रखंड अंतर्गत डराइकेला स्थित टूसू भवन में कुर्मी/कुडमी महतो समन्वय समिति की एक बैठक नगरा पीढ़ कुड़मी समाज के अध्यक्ष ध्रुव महतो की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।  जिसमें उड़ीसा एवं झारखंड के प्रतिनिधियों ने कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग केंद्र सरकार से की है|

बैठक में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए समन्वय समिति के संयोजक लालचंद महतो ने कहा कि बंगाल उड़ीसा एवं झारखंड राज्य में कुड़मी समाज के नाम पर अनेकों संगठन है| और सभी संगठनों की मांग है कि कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जनजाति  की सूची में शामिल किया जाए। उन्होंने अपने संबोधन में सामाजिक  एकता पर भी बल दिया|

चर्चा को आगे बढाते हुए समाजसेवी सुभाष चंद्र महतो ने कहा कि समय समय पर हम उड़ीसा सरकार को भी हमेशा मांग पत्र के माध्यम से इस बिषय में अवगत कराते हैं| यह आंदोलन लोकतांत्रिक ढंग से चल रहा है| झारखंड आदिवासी कुड़मी समाज के प्रवक्ता मनसा माता ने कहा कि झारखंड एवं बंगाल राज्य में कुरमाली भाषा में पठन-पाठन हो रही है| विभिन्न प्रकार की सरकारी नियुक्ति परीक्षाओं में कुरमाली भाषा विषय  को वरीयता दी जा रही है| परंतु ऐसी किसी प्रकार की व्यवस्था उड़ीसा के कुड़मियों को नहीं मिला है| जिला सचिव झारखंड आदिवासी कुड़मी समाज के शशि भूषण महतो ने समन्वय समिति की आवश्यकता एवं संगठन की मजबूती पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। इस बैठक में मुख्य रूप से सीताराम महतो, चंद्रमणि महतो, निरंजन महतो, गणेश महतो,डोमु महतो, भुवने महतो,रोहिन महतो, महेंद्र महतो, शिव चरण महतो, प्रफुल्ल महतो, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।