कर्मबीर गौरीश की जयंती पालित
प्रेस विज्ञप्ति
जब उड़िया लोग घोर संकट से जूझ रहे थे, और अत्याचार, अनीति और अन्याय से पीड़ित हैं, ऐसे में उत्तकल की आत्मा के रूप में गौरी शंकर के प्रकट होने से, प्रज्ञामान साहित्य सारथी प्रवीण गौरीश ने ओड़िया लोगों को नई प्रेरणा दी है,यह कहना है उनके जन्मोत्सव पर उपस्थित अतिथियों का जिन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए उक्त बातें कही। उक्त भाषण शहर की प्रगतिशील साहित्यिक संस्था उड़िया भाषा विकास मंच द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कर्मबीर गौरीश शंकर की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पत्रकार व कवि कुंजबिहारी राउत ने दिया।
विद्यालय की प्राचार्या सौदामिनी मुदाली की अध्यक्षता और वरिष्ठ शिक्षिका इकाशा सुतार के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथियों ने कर्मबीर की जिम्मेदारी, प्रतिबद्धता, अकाल की भयावहता के बारे में लिखित शिकायतें, उनके द्वारा स्थापित उत्कल दीपिका समाचार पत्र, कटक प्रिंटिंग प्रेस के बारे में पढ़ा। ओडिशा भाषा के संरक्षण के लिए विभिन्न सार, कविता, निबंध चर्चा, महिला शिक्षा, ओडिशा लोकसभा का गठन, संगीत और लोक साहित्य को लोकप्रिय बनाना, राष्ट्रपति के रूप में कायस्थ की भूमिका, कटक टाउन हॉल का निर्माण और राय बहादुर की उपाधि पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में छात्र अभिषेक रूद्र कैप्टन, राहुल मोहंती एवं छात्रा सोनाली मोहंती ने कर्मबीर के संबंध में भाषण दिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुस्तक देकर सम्मानित किया गया। प्रारंभ में अध्यक्षता कर रही प्राचार्या श्रीमती मुदली ने कार्यक्रम की परिचयात्मक जानकारी के साथ-साथ कर्मचारियों की जीवनी भी बताई। संयोजक प्रकाश सूत्र ने स्वागत भाषण से अतिथियों का परिचय कराया। अंत में वरिष्ठ शिक्षक अक्षय कुमार दास ने धन्यवाद ज्ञापन किया।





