और कब तक करना होगा संघर्ष

तिलकानगर बस्ती में मूलभूत सुविधाओ के लिए बस्तीवालो को और कबतक संघर्ष करना होगा

और कब तक करना होगा संघर्ष

राउरकेला स्मार्टसिटी से सटे तिलकानगर बस्ती एक अनाथ की तरह है। यहाँ से राजनेताओ का संबंध बस इतना है कि हर पाँचवे साल विधायक उम्मीदवार वोट माँगने चले आते हैं,और चुनाव खत्म होने के बाद फिर नजर नही आते है। 
तिलकानगर सन् 1983 में राउरकेला इस्पात संयंत्र द्वारा बसाई गई थी,इस बस्ती की वर्तमान आबादी तकरीबन 5,000 से ज्यादा है।
इतने वर्षो बाद भी यह बस्ती मूलभूत सुविधाओ से बंचित है। 
जिससे यहाँ के लोगो को रोजाना कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। 
यहाँ के विद्यार्थीयो को वासिंदा प्रमाणपत्र, जाती प्रमाणपत्र तक नही मिलपाता जिससे भविष्य में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 
इन सभी मुद्दों को लेकर आज बस्ती बिकाश परिषद के बैनर तले संतोष राजन की अगुवाई में बस्ती के सैकडो़ पुरुष व महिलाओ ने राउरकेला के उदितनगर में स्थित अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा।
सौभाग्य से जिला मजिस्ट्रेट निखिल पवन कल्याण भी उपस्थित थे,जिन्होने बस्तीवासियों  से विस्तार पूर्वक चर्चा कर बस्ती की समस्याओं का समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाने का अश्वसन दिया। 
अब देखना यह है बस्तीवासीयो द्वारा एक अनाथ बस्ती को नाथ दिलाने की दशको से की जा रही यह कोशिश जिला कलेक्टर के माध्यम से पूरी हो पाती है या अभी और संघर्ष करना होगा।