उस पराक्रमी शहीद का अनादर क्यों जिस पर आज भारत को गर्व है

उस पराक्रमी शहीद का अनादर क्यों जिस पर आज भारत को गर्व है

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ) 

आज देश की जनता 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रही है और पूरे देश में आजादी का अमृत उत्सव मनाया जा रहा है.  स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रशासन उन शहीद वीरों के प्रतिमाओ में माला या रंग नहीं देता है।  विभिन्न तबकों से शिकायत की जा रही है कि सरकार और कंपनियों से मिलने वाले मुआवजे के जवाब में अधिकारी मिट्टी पर चूना लगाकर ही काम कर रहे हैं.  हालांकि, ऐसी घटना स्थानीय उपजिलपाल के कार्यालय क्षेत्र में देखने को मिली है, देश के लिए बलिदान देने वाले के स्मारक, तालचेर की शान और महिमा, शहीद रंजन महंती, की प्रतिमा सड़क के किनारे स्थित है,ऐसे कई वीरो की प्रतिमाएं हाडीधुआ, बिरसामुंडा की प्रतिमा , जो एफसीआई मुंडाबाजार के पास स्थित है।

विभिन्न हलकों में यह अफवाह उड़ाई जा रही है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि इन प्रतिमाओ की देखभाल पर प्रसाशन ध्यान नहीं दे रहा है।  हालांकि देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन की ओर से वीरो की प्रतिमायो को कब सम्मानित किया जाएगा।