आप हैं सच्चे विश्वकर्मा के तहत ठेकेदारों का सम्मान
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
आप हैं सच्चे विश्वकर्मा' पहल के तहत डालमिया भारत ने पूर्वी क्षेत्र के 162 अनुभवी ठेकेदारों को किया सम्मानित।ओडिशा में आयोजित किए गए कंपनी के वार्षिक विश्वकर्मा पूजा समारोह में, निर्माण उद्योग में अपने बहुमूल्य योगदान के लिए 57 वरिष्ठ ठेकेदारों को सम्मानित किया गया।
भारत की अग्रणी सीमेंट निर्माताओं में से एक डालमिया भारत लिमिटेड (डीबीएल) ने विश्कर्मा पूजा के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले अपने परंपरागत वार्षिक समारोह के दौरान, अपनी पहल 'आप हैं सच्चे विश्वकर्मा' के तहत, पूर्वी क्षेत्र के 162 अनुभवी ठेकेदारों को सम्मानित किया है। डालमिया भारत की 'आप हैं सच्चे विश्वकर्मा' पहल का उद्देश्य उन ठेकेदारों के अमूल्य योगदान को सराहना व प्रोत्साहित करना है, जिनके कुशल हाथों ने अनगिनत सपनों के घरों को हकीकत का रूप देने में सहयोग किया है, और इंडस्ट्री के अन्य कुशल पेशेवरों को बेहतर सलाह देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ओडिशा में विश्वकर्मा पूजा के दौरान आयोजित 'आप हैं सच्चे विश्वकर्मा' समारोह में, डालमिया सीमेंट के प्रतिनिधियों द्वारा 57 अनुभवी वरिष्ठ कॉन्ट्रैक्टर्स को भी उनके परिजनों, डीलर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स कम्युनिटी के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया। इस दौरान सम्मानित कॉन्ट्रैक्टर्स को एक ट्रॉफी, स्मृति चिन्ह और घरों के निर्माण में उनके शानदार सफर को प्रदर्शित करने वाला, एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया फोटो एलबम भेंट किया गया। वहीं इस साल को थोड़ा और ख़ास बनाते हुए, डालमिया सीमेंट्स ने डीलर पॉइंट्स पर स्थित रिटेल आर्क गेट्स, जहां से उन्हें नॉमिनेट किया गया था, पर उनकी तस्वीरें भी प्रदर्शित कीं। इसके माध्यम से उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए, उपभोक्ताओं, राजमिस्त्रियों तथा कॉन्ट्रैक्टर्स को यह समझाने का प्रयास किया गया है कि कैसे कंस्ट्रक्शन परिदृश्य को आकार देने में इन अनुभवी कॉन्ट्रैक्टर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कई कहानियों के बीच , एक अनुकरणीय कहानी श्री बिप्रा सेठी की है, जिन्होंने छोटी उम्र से ही निर्माण के माध्यम से अपने समुदाय में सार्थक प्रभाव डालने की तीव्र इच्छा रखी थी। कड़ी मेहनत और अटूट समर्पण के साथ, उन्होंने असाधारण परियोजनाएं देने और गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से खुद को अलग स्थापित करने के लिए प्रतिष्ठा अर्जित की। एक निर्माण स्थल सहायक के रूप में शुरुआत करते हुए, वह अंततः बेरहामपुर में एक सफल कॉन्ट्रैक्टर के रूप में उभरे l उन्होंने 10 राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया और एक सरकारी स्कूल सहित 100 से अधिक इमारतों का निर्माण किया है।
इस अवसर पर इस पहल के बारे में विस्तार से बताते हुए, कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, "डालमिया भारत को अपनी इस पहल पर बहुत गर्व है, क्योंकि यह कंपनी के शिल्प कौशल, एकता और सम्मान के मूल उद्देश्यों को अधिक मजबूत बनाता है। भगवान विश्वकर्मा कारीगरी और कौशल के देवता के रूप में बहुत महत्व रखते हैं। इस दिन इन अत्यद्वितीय व्यक्तियों का सम्मान, उनके शिल्प कौशल और तकनीकी विशेषज्ञता का प्रतीक है, जो कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री पर उनके निरंतर प्रभाव को दर्शाता है। हम कंस्ट्रक्शन वर्ग के प्रत्येक सदस्य के लिए, समुदाय और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल इस परंपरा को आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।"
पूर्वी क्षेत्र में कॉन्ट्रैक्टर्स कम्युनिटी के बीच एक प्रवाह स्थापित करने के लिए, डालमिया भारत 2020 से इस पहल को संचालित कर रहा है। पहल की शुरुआत के बाद से इसके प्रभाव और पहुंच में लगातार विस्तार हुआ है। इस वर्ष कार्यक्रम का समापन एक महत्वपूर्ण उत्सव के रूप में हुआ, जहां बड़ी संख्या में अनुभवी कॉन्ट्रैक्टर्स को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।





