आनलाइन ठगी के मामले में राउरकेला पुलिस को मिली बड़ी सफलता

बिदेश से जुडे़ है ठगो के तार, राउरकेला पुलिस गिरोह के सदस्यों की जांच में जुट गई है।

आनलाइन ठगी के मामले में राउरकेला पुलिस को मिली बड़ी सफलता

आनलाइन ठगी के मामले में राउरकेला पुलिस को बडी़ सफलता हाथ लगी है, यह मामला राउरकेला सीसी एंड ईओ थाना में दर्ज केस संख्या-04 दिनांक-08/04/2025 यू/एस 318(4)/319(2)/336(3)/338/61(2)/111(2)(बी) बीएसएन आर/डब्ल्यू धारा-66-सी/66-डी आईटी एक्ट के तहत का है।

राउरकेला पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस विश्वसनीय सूत्रों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए  राउरकेला सीसी एंड ईओ पीएस ने साइबर धोखाधड़ी के केंद्र के रूप में इस्तेमाल किए जाने के संदेह में सिविल टाउनशिप में एक अपार्टमेंट पर छापा मारा और यहाँ से कुल 2 आरोपियों को हिरासत में लिया गया और इसके बाद बसंती कॉलोनी में एक अन्य अपार्टमेंट पर छापा मारा गया और कुल 5 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। उनके पास से विभिन्न आपत्तिजनक सामग्री, फर्जी सिम, कई मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए गए।

पूछताछ करने पर, उन्होंने कार्यप्रणाली के बारे में खुलासा किया और बताया कि वे “ट्रेडनाउ” नामक फर्जी ऐप के माध्यम से व्यापार धोखाधड़ी का हिस्सा थे। टीम ने खच्चर खाता संचालकों को पकड़ा जो प्रतिदिन 50 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन करते थे। आगे की पूछताछ में रायपुर, छत्तीसगढ़ के निवासी 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मास्टरमाइंड, किशन अग्रवाल, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित है और वहीं से काम करता है और भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी इस रैकेट को चलाता है, जैसा कि जांच में पता चला है। धोखाधड़ी के पैमाने की गहन जांच की जा रही है। लेन-देन हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से किए गए थे और इसने कई दक्षिण और पश्चिम एशियाई देशों में एक अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध रैकेट का गठन किया।  अब तक 23 खातों से कुल 1.41 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं और 176 अन्य खातों की जांच की जा रही है। राउरकेला साइबर पीएस की यह एक बड़ी सफलता है और साइबर अपराधों की महामारी को रोकने में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। सलाह:- ऐसे कई अन्य ऐप भी पूरे भारत में Google Play Store और Apple Store पर चालू हो सकते हैं।

हम आम जनता से अनुरोध करते हैं कि वे यादृच्छिक एप्लिकेशन पर बड़े रिटर्न के आश्वासन का शिकार न हों, जो वास्तविक दिखते हैं लेकिन अपने निवेशकों को केवल नुकसान पहुंचाने के लिए बनाए जाते हैं। ऐसे ऐप का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सेलिब्रिटी अभिनेताओं द्वारा भी खूब विज्ञापन किया जा सकता है। लोगों को सेबी के साथ शेयर बाजार के दलालों और ऐप की प्रामाणिकता की जांच करनी चाहिए,"राउरकेला पुलिस"

आगे की जांच जारी है।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपीयों की सूची

1. किशन अग्रवाल (26) वर्ष पुत्र-कन्हैया अग्रवाल, घर का 
 नंबर-61 अवनी ग्रीन, दलदल सिवनी मोवा पीएस-मोवा जिला-
 रायपुर राज्य-छत्तीसगढ़।

2. कुणाल अग्रवाल (25) पुत्र-कन्हैया अग्रवाल, मकान नंबर-
 61 अवनी ग्रीन, दलदल सिवनी मोवा थाना-मोवा जिला-रायपुर 
 राज्य-छत्तीसगढ़ 
 3. अर्जुन सिंह (27) पुत्र- पूरन सिंह, उधमसिंग नगर, थाना/जिला-रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड 

4. गिरधारी सिंह उर्फ ​​राम (24) पुत्र-सुरेश राम At/PS-
 बगीचा जिला-जसपुर राज्य-छत्तीसगढ़ 

5. अजय कुमार (25) पुत्र- राम कुमार, डोटीपाड़ा थाना- कोरबा 

 जिला-कोरबा राज्य-छत्तीसगढ़ 
 6. संदीप कुमार सोनी (28) पुत्र-लक्ष्मी कांता सोनी, एट/पीओ-

 गाताडीही थाना-सरसीवा जिला-बलौदा बाजार राज्य-छत्तीसगढ़ 
 7. सौमेन्द्र सिंह राजपूत  (27) पुत्र-इंदल सिंह निवासी नौधा 

 चौक थाना-सकती जिला-जांजगीर/चांपा राज्य-छत्तीसगढ़ 
 8. अभिजीत भारद्वाज (27) पुत्र- राज कुमार भारद्वाज निवासी ग्राम 
 -पचपढ़ी थाना-सारंगढ़ जिला-रायगढ़ (सारंगढ़) राज्य-
 छत्तीसगढ़ और 
 9. दिनेश कुमार साहू (25) पुत्र-ठाकुर राम साहू At-
 सारागांव, सरवानी, थाना-सारागांव, जिला-जांजगीर चांपा 
 राज्य-छत्तीसगढ़.

 जब्त सामानों की सूची 

1. लैपटॉप की संख्या- 05

2. मोबाइल की संख्या- 31

3. सिम कार्ड की संख्या- 68

4. जियो फाइबर नेटवर्क राउटर की संख्या- 02

5. आईडी प्रूफ की संख्या- 20

6. बैंक पासबुक/चेक बुक की संख्या- 04

7. पेनड्राइव की संख्या- 02

8. डेबिट/एटीएम कार्ड की संख्या- 19

9. एक मारुति स्विफ्ट कार

10. एक स्कूटी जिसका पंजीकरण नंबर- CG13AH0659 ​​है आरोपी(ओं) का सी/ए गिरोह और उनके द्वारा खच्चर के रूप में इस्तेमाल किए गए खाते भारत भर में 27 मामलों में शामिल पाए गए हैं, जैसा कि समन्वय भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), MHA के पोर्टल के माध्यम से पता चला है।

आगे की जांच चल रही है क्योंकि संलिप्तता बहुत बड़े पैमाने पर हो सकती है।  अब तक कुल जमा राशि अब तक 23 खातों में कुल 1.41 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। अब तक कुल 176 खातों की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।