2025 की थीम पर एनआईटी में मनाया गया योग दिवस
एनआईटी राउरकेला ने “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” थीम के साथ 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया
राउरकेला, 21 जून 2025: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) राउरकेला ने 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस छात्रों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं परिसरवासियों की उत्साही भागीदारी के साथ मनाया। इस वर्ष का आयोजन वैश्विक थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” के अंतर्गत किया गया। यह कार्यक्रम एनआईटी राउरकेला के योग एवं प्राकृतिक आरोग्य केंद्र द्वारा योगविद्या छात्र क्लब के सहयोग से आयोजित किया गया। यह एक दिवसीय कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ, जिनका उद्देश्य योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
सत्र I: प्रातःकालीन योग अभ्यास
कार्यक्रम का आरंभ भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर दिए गए संबोधन के सीधा प्रसारण को सुनने के साथ हुआ। इसके पश्चात योग शिक्षक डॉ. खगेश्वर ओझा के नेतृत्व में 'कॉमन योगा प्रोटोकॉल' के अंतर्गत ऊर्जा से भरपूर योग अभ्यास सत्र आयोजित किया गया।
सत्र II: उद्घाटन समारोह एवं विशेषज्ञ व्याख्यान
इसका औपचारिक उद्घाटन एनआईटी राउरकेला के बीबी ऑडिटोरियम में हुआ। योग एवं आरोग्य केंद्र के प्रभारी प्रो. सरोज एल. समल ने उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए छात्रों में बढ़ती योग जागरूकता पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने बताया कि संस्थान की छात्र टीमों ने मार्च 2025 में जेपी हॉस्पिटल में आयोजित ओपन नेशनल योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में भाग लिया था, जिसमें छात्राओं की टीम ने ट्रेडिशनल योगासन श्रेणी में स्वर्ण पदक और छात्रों की टीम ने रिदमिक योगासन श्रेणी में कांस्य पदक प्राप्त किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एनआईटी राउरकेला के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने योग को दैनिक जीवन में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने योग के गूढ़ दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “मनुष्य का मस्तिष्क अतीत का चिंतन और भविष्य की कल्पना कर सकता है, जो अन्य जीवों में नहीं होता। स्वस्थ मन एक स्वस्थ शरीर का आधार है, और ध्यान उसका पोषण है। हमें सीखना होगा कि हम कैसे सजग होकर श्वास लें और यह समझें कि हम अपने शरीर और मन को क्या खिला रहे हैं।”
इस अवसर पर डीन (छात्र कल्याण) प्रो. निरंजन पांडा, रजिस्ट्रार प्रो. रोहन धीमान, अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियों के अध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार महापात्र तथा योग केंद्र के सह-प्रभारी प्रो. बिनोद बिहारी साहू ने भी सभा को संबोधित किया और एनआईटी राउरकेला में स्वास्थ्य और योग संस्कृति में सकारात्मक बदलाव की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. खगेश्वर ओझा एवं श्री बताकृष्ण साहू को परिसर में नियमित योग प्रशिक्षण में उनके समर्पणपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, इस माह की शुरुआत में छात्रों और परिसर के बच्चों के लिए आयोजित योग प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
सत्र में दो प्रमुख विशेषज्ञ व्याख्यान भी आयोजित किए गए:
1. “विश्व शांति के लिए योग” विषय पर प्रो. सुभाष चंद्र दाश (प्रमुख, संस्कृत विभाग, उत्कल विश्वविद्यालय)
2. “योग – एक नया आयाम खोजने की कला” विषय पर डॉ. गिरिजा शंकर दास (मुख्य महाप्रबंधक, सेल राउरकेला स्टील प्लांट और आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक)
कार्यक्रम का समापन योगा क्लब, एनआईटी राउरकेला के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत एक सामूहिक योग प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसमें योग की अनुशासनात्मकता और सौंदर्यपूर्ण समन्वय का शानदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन दर्शकों से भरपूर सराहना और तालियों के साथ संपन्न हुआ।





