हरखपुर ग्राम के लिए चकरोड़ बना इतिहास

हरखपुर ग्राम के लिए चकरोड़ बना इतिहास

सुमित जायसवाल (छत्तीसगढ़ प्रभारी) 

कुड़वार ब्लाक के ग्राम सभा हरखपुर में एक गांव का नाम "पूरे मोहन मिश्र का पुरवा" है, इस गांव के किसानों को अपने खेत-बाग तक आने जाने के लिए कोई चकरोड या ढंग का कोई रास्ता नहीं था।

जिससे  किसान को आने जाने में कठिनाइयाँ होती थी और कहीं जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। 

पूरे परवानी मिश्राने नहर माइनर से लेकर मोबीन बाबा के चौक तक जहां लोगो को पैदल चलना मुस्किल था।उसे ग्राम प्रधान सन्नान बाबा द्वारा चकरोट बना दिए जाने से उस पर अब ट्रैक्टर ट्राली बहुत आसानी से गुजर रही है,लोग सुगमता से इस मार्ग पर आ-जा रहे है।

इस गांव के पास से जो  चकरोड निकलता है वह कई किसान के खेत -बाग के साथ सड़कों को मिलाता है । यह चकरोड कुछ दूरी पर जाकर समाप्त हो जाता था और बीच में खेत पड़ने की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहा था क्योंकि यह चेक मार्ग चकरोड गांव वाले के खेत दोनो तरफ के बीचों बीच  में बनना था। इस समस्या का निदान ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से संभव हुआ। 

ग्रामीणों के हित में होने वाला यह कार्य ग्राम प्रधान सन्नान बाबा के प्रयास से संभव हुआ है, ग्राम प्रधान के कहने पर ही लोगों ने अपनी खेत की जमीन चकरोड़ बनने  के लिए दे दी। जिससे उस गांव के ग्रामीणो ने ग्राम प्रधान सन्नान बाबा व भूमि दान कर्ताओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस गांव में यह पहली बार एक ऐतिहासिक कार्य हुआ है ।हम लोग उम्मीद करते है कि ऐसे प्रधान की इस पूरे ग्राम सभा को जररूत है।