सीएमओ कार्यालय पर दिया धरना 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन की चेतावनी
बस्ती, 08 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार से सीएमओ कार्यालय पर धरना और तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. आदित्य भारती, मंडल अध्यक्ष डॉ. वी.के. वर्मा और जिलाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने धरना दिया। नेताओं ने बताया कि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया था। 5, 6 और 7 अक्टूबर को काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध किया गया। मांगें न माने जाने पर 8 से 10 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि यदि नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और सेवा सुरक्षा सहित अन्य मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 12 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्य बहिष्कार में जनपद के 1100 संविदा स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। वक्ताओं ने कहा कि एनएचएम के तहत प्रदेश में एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारी वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी और सीएमओ कार्यालय में तैनात ये कर्मचारी टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संचारी और गैर संचारी रोग नियंत्रण जैसे कार्यक्रमों को धरातल पर पहुंचा रहे हैं। कोरोना काल में भी इन्होंने पूरी जिम्मेदारी से सेवाएं दी थीं। धरने में मुख्य रूप से डॉ. आनंद गौरव शुक्ला, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. प्रदीप शुक्ला, डॉ. जुनेद अहमद, डॉ. इंद्रेश चौधरी, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. श्रद्धा सिंह, डॉ. दीपिका सचान, डॉ. नीलम चौधरी, डॉ. सतीश चौधरी, डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।





