समाज सेवक के खाल में छुपा ठग गिरफ्तार

बंडामुंडा के चर्चित समाजसेवी शाशाधर पंडा आज ठगी और‌ धोखाधडी के आरोप में कोर्ट चालान किए गए हैं।
समाजसेवा का चोला पहने इस ठग के पकड़े जाने से ब़डामुंडा के लोगों का विश्वास पुलिस के प्रति बढ़ा है। 
पुलिस ने इसका असली चेहरा समाज के सामने लाकर लोगों को  यह संदेश दिया है कि बेइमान और झूठे लोगों को बक्क्षा नहीं जाएगा। वहीं अंचल में इनका पर्दाफास करने वाले बंडामुंडा थाना प्रभारी बुलु स्वांईं की लोगो द्वारा सराहना‌ करते देखे गए।

शाशाधर पंडा को एक अवकाश प्राप्त पुलिस कर्मचारी के शिक़ायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।इन पर 33 लाख ठगी का आरोप है ,थाना प्रभारी बुलु स्वाईं ने पत्रकारों को यह भी जानकारी दी कि इनपर तस्करी का भी आरोप लग चुका है।
शाशाधर पंडा को भारतीय दंड़ संहिता की धारा 417,471,467,468,465,420,506,34 के तहत गिरफ्तार किया गया है। इन धारओ के अनुसार शाशाधर पंडा पर नकली दस्तावेज बनाना ,उन दास्तावेजो का ग़लत उपयोग कर ठगी और  धोखाधडी करना,जान से मारने की धमकी देना और इस काम को एक से अधिक लोगों द्वारा अंजाम दिया जाने का आरोप है।
जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने पत्रकारों को बताया कि अवकाश प्राप्त पुलिस कर्मचारी किरण कुमार नायक से शाशाधर पंडा ने उनके नौकरी में रहने के दौरान पहले अच्छे संबंध बनाए और फिर उन्हें बिश्वास में लेकर राउरकेला के जगदा अंचल में घर (सी/454) दिलाने के लिए उनसे नकली कागज़ातों के सहारे चार किस्तों में 33 लाख रुपए लिए।
और फिर बंडामुंडा से चुपचाप फरार हो कर ढेंकानल में छुपे हुए थे।

शाशाधर पंडा़ पर एक नजर

अगर आपने रंगा सियार की कहानी पढ़ी होंगी तो शाशाधर पंडा पर यह कहानी सटीक बैठती है ।
समाज सेवक का चोला पहने खुद को शिक्षक बताने वाले बंडामुंडा़ निवासी शाशाधर पंडा़ सेक्टर "ए" में काडीया बुक स्टोर नाम से एक किताब दुकान चलाते थे।
पत्रकारो, समाजसेवीयो, राजनीति से जुड़े लोगों, पुलिस कर्मचारियों , रेलवे अधिकारियों से अच्छी पहचान बना चुके शाशधर पंडा के दुकान में ग्राहक कम और उल्लेखित लोगों का जमावड़ा अधिक रहता था। 
समाज सेवा करते शाशाधर पंडा की खबरे मीडिया की सुर्खियां बटोर रही थी। खुद को शिक्षक बताने वाले श्री पंडा के शिक्षक वाला रूप संदेहास्पद है क्योंकि जनाब किस विद्यालय में शिक्षक है यह भी स्पष्ट नहीं है।