शिवालयों में बंद दरवाजे पर ही हुई जलाभिषेक

शिवालयों में बंद दरवाजे पर ही हुई जलाभिषेक

रामप्रवेश चौधरी (संवाददाता)

सावन की पहली सोमवार और शिवालयों में ख़ामोशी रही,कोविड-19 के आने से पहले सावन के आगमन से लेकर गुजरने तक नदी तटों ,रास्तों,चौक-चौराहों पर जहाँ बोलबम,हरहर महादेव,भोलेबाबा पार करेगा,कि जयघोष सुनाई पड़ती थी,डीजे कि धुन में कवारिये नाचते गाते महादेव के दरबार जलाभिषेक करने जाते थे वही इसबार सावन के महीने कोविड गाइड-लाईन के कारण चारों ओर सन्नाटा सा छाया है |दूरदराज के शिवालयों में इक्का-दुक्का को छोड़ कर बड़े व प्रसिद्ध शिवालयों के दरवाजे बंद रहे जिससे शिव भक्तों में निराशा देखी जा रही है |   

सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर स्थित सुप्रसिद्ध भगवान शिव का मंदिर पुरातन घोघर धाम में भी कोरोना महामारी के कारण प्रशासन के दिशानिर्देसानुशार मंदिर का दरवाजा बंद रखा गया,जिससे शिव भक्तों में निराशा तो है ही पर कुछ भक्त ऐसे भी थे जिन्होंने दरवाजे के बाहर से ही भगवान शिव की पूजा-अर्चना की |

आपको बता दें कि घोघर धाम मंदिर में लाखों की संख्या में भक्तगण सावन के महीने में भगवान शिव दर्शन के लिए एवं जलाभिषेक करने आते थे | उसी मंदिर में आज सावन के पहले सोमवार को इक्का-दुक्का लोग मंदिर के बंद दरवाजे का ही दर्शन कर मायूस होकर अपने घर लौट गए | ऐसे तो सावन माह में इस मंदिर में 4 प्रदेशों ओडिशा ,छत्तीसगढ़, बंगाल ,झारखंड से भक्तगण भगवान शिव को जल चढ़ाने आते थे |

लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना के कारण सरकार द्वारा सख्त गाइडलाइन दिया गया है कि किसी भी मंदिर में दर्शन व जलाभिषेक नहीं किया जाएगा | जीससे इस पुरातन मंदिर घोघर धाम में भक्तों में मायूसी देखी गई | ज्ञात हो कि इस सावन माह मैं दूर-दूर से यहां व्यापारियों का आगमन होता था एवं अनेक गरीब दुखियारी महीने भर यहां आयोजन किये जाने वाले भंडारे में खाते थे | पर इस सावन में यंहा का नज़ारा बिरान सा लग रहा है |