रेलवे क्रियानुष्ठान समिति की समस्या का समाधान के लिए सात दिनों का वक्त

रेलवे क्रियानुष्ठान समिति की समस्या का समाधान के लिए सात दिनों का वक्त
रेलवे क्रियानुष्ठान समिति की समस्या का समाधान के लिए सात दिनों का वक्त

वर्षो से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे बंडामुडा़ के विस्थापितों को उप जिलाधिकारी से न्याय मिलता नजर आ रहा है। उप जिलाधिकारी ने राउरकेला और बिसरा के तहसीलदार को यह आदेश दिया है कि सात दिनों के भीतर इस समस्या से संबंधित जानकारी प्रदान की जाए। 

उप जिलाधिकारी कार्यालय से दोनों तहसीलदारो को जारी किए गए मेमो में इस बात का उल्लेख किया गया है, जो इस प्रकार है -

विषय: नयाबाजार से कुकुडा़ गेट तक रेलवे की चौथी लाइन और चल रही निर्माण परियोजनाओं के निर्माण के लिए भूमि की पहचान/सीमांकन के संबंध में।

महोदय,

रेलवे क्रिया अनुष्ठान समिति के महेश्वर तांती और बंदे ओरम द्वारा दायर याचिका की प्रति संलग्न करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने के लिए आपके स्तर पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। पत्र प्राप्ति के 7 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की सूचना अधोहस्ताक्षरी को दी जाए।

महेश्वर तांति और बांदे ओराम वर्षो से रेलवे पर बंडामुंडा़ की कुछ जमीनो पर बल पूर्वक निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाते आ रहे हैं, जिसमें बंडामुंडा़ से होकर गुजरने वाली नयी रेल पटरी भी शामिल है। इस दौरान कई बार इन दोनों को अपने समर्थको के साथ इस संबंध में धरना प्रदर्शन, विरोध प्रदर्शन करते देखा गया है।

इस मामले में पहले भी उप जिलाधिकारी का हस्तक्षेप हो चुका है, पर समस्या जस की तस बनी रही। इसबार भी समस्या का समाधान हो पायगा या आगे भी इन लोगों को संघर्ष करना पड़ेगा यह एक हफ्ते बाद पता ही पता चल पायेगा। 

वर्तमान की स्थिति और पूर्व में किए गए विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यदि समस्या का सामाधान ना हुआ तो जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।