मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर तालचर मे बंदी।
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
तालचेर मेडिकल कालेज को सरकार द्वारा संचालित करना।
तालचेर स्टेशन से अनुगोल स्टेशन तक एक रेलवे लाइन का निर्माण, और तालचेर पुरी पैसेंजर के एनटीपीसी तक विस्तार की मांग को लेकर तालचेर में बंद का आह्वान किया गया था।
हालांकि, एमसीएल के जीएम कार्यालयों और खदानों पर आज सुरक्षा बलों के व्यापक विरोध के कारण, सभी कोयला खदानें सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रहीं और कोयला ले जाने वाली सभी ट्रेनों और ट्रकों को रोक दिया गया।
आज अनुगोल जिला आयुक्त के सम्मेलन कक्ष में जिला आयुक्त, तालचेर विधायक, तालचेर सुरक्षा परिषद अध्यक्ष, घंटापाड़ा ग्राम अध्यक्ष, संपादक, जिला परिषद सदस्य, ब्लॉक अध्यक्ष, तालचेर ब्लॉक अध्यक्ष, कनिहा उपाध्यक्ष और एमसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी।
इस बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार तालचर मेडिकल कॉलेज चलाएगी और सभी खर्च एमसीएल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं पूर्व के निर्णय के अनुसार अगले माह की 13 तारीख को जारी तालचेर बंद करने के आह्वान के मुद्दे पर तालचेर कार्य समिति ने शाम 5 बजे तालचेर उप-जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय में बैठक की गई।
इस बैठक में आन्दोलन को स्थगित करने का प्रस्ताव रखा गया।
क्रियानुष्ठान कमेटी मेडिकल कालेज को राज्य सरकार द्वारा संचालित करने को लेकर लिया गया निर्णय लिखित व प्रेसविज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी न देने से आगामी 13 तारीख को तालचेर बंद करने की जिद में अडे़ रहे।
जिसके बाद उपजिलापाल आनेवाले कल को इसकी एक नकल क्रियानुष्ठान कमेटी को देने की बात कही।
इस लडाई में दोनो पक्षो का लक्ष्य एक ही है, सिर्फ मेडिकल कालेज कार्यक्षम होने के बाद इसका श्रेय लेने की होड़ मची है।
यहाँ प्रश्न उठता है कि मेडिकल कालेज का निर्माण हुए चार वर्ष हो गए परंतु जन प्रतिनिधियो की खामोशी की वजह से क्रियानुष्ठान कमेटी को रास्ते में उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। ऐसे में यह देखना है कि यह मेडिकल कालेज कबतक कार्यक्षम होगा।





