बांछानिधी महान्ति थे ओडिशा के विलक्षण प्रतिभा
प्रेस विज्ञप्ति :
राउरकेला की प्रमुख सामाजिक-स्वयंसेवी संस्था बासुदेबपुर जनकल्याण परिषद ने राष्ट्रकवि बंछानिधि महांती का 127वां जन्मदिन सेक्टर 20 स्थित कलिंग कला परिषद में भव्य समारोह में मनाई गई।
इस दिन परिषद की 24वीं वर्षगांठ भी मनाई गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रबिनारायण महापात्र ने की, मुख्य अतिथि राउरकेला इस्पात संयंत्र के सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक प्रताप कुमार राय, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर भावेश चंद्र साहू, ऋषिकेश रे कॉलेज के अध्यक्ष व सेवानिवृत प्रोफेसर डॉ. अश्विनी कुमार रे की उपस्थिति में राष्ट्रीय कवि बांजानिधि महांती एक बार फिर जीवंत हो उठे। अतिथियों ने राष्ट्रीय कवि बांछानिधि को ओडिशा की धरती का विलक्षण प्रतिभा कहा। उन्होंने न केवल ओडिशा वासियों में राष्ट्रवाद की भावना जगाने के लिए समकालीन संगीत की रचना की, बल्कि विभिन्न सभाओं और यात्राओं में भी हारमोनियम पर गाते थे। लेकिन वक्ताओं ने अफसोस जताया कि हम उनकी प्रतिभा का ठीक से महिमामंडन नहीं कर सके।
बैठक के प्रारंभ में अतिथियों ने कवि के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्वलन के बाद संगीतकार रमाकांत बेहरा ने राष्ट्रकवि द्वारा रचित देशभक्ति और स्वागत गीत गाया, जबकि सांस्कृतिक संपादक गुरु विवेकानंद पांडा ने वाद्य यंत्रों के साथ सहयोग किया।
मुख्य अतिथि प्रताप कुमार राय ने बांछानिधि की कुछ अनूठी कविताओं को अपने अंदाज में गाकर कवि को श्रद्धांजलि दी। कवि श्री महापात्र ने बा़छानिधि मोहंती को समर्पित कविता सुनाकर कवि की स्मृति को सम्मानित किया। संयुक्त संपादक शरत कुमार दास ने मंच का संचालन किया जबकि वरिष्ठ सदस्य राजकुमार मोहंती ने स्वागत भाषण से अतिथियों का परिचय कराया। साधारण संपादक लक्ष्मण नाथ दास ने परिषद की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। सह कोषाध्यक्ष उदय कुमार साहू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इन सभी कार्यवाही में उपाध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र कुमार पांडा, कोषाध्यक्ष विश्वनाथ साहू, सह-संपादक सनातन पति, सह-संपादक रासिंधु बेहरा, कार्यकारी सदस्य उपेन्द्र प्रसाद दास, सुभाष चंद्र महापात्रा, रामचंद्र बेहरा, अच्युतानंद दास, सत्यब्रत साहू, कमलाकांत दास , पंगम कुमार मोहंती, कैलाश चंद्र बंध, बैकुंठ राउत सहित अन्य, अक्षय कुमार दास, कैलाश चंद्र काड़ा, सत्यनारायण पांडा, सीताराम साहू, कौशल्या दास, बसंत बेहरा, रैनी राउल, सुमित्रा राउल, भरत कुमार, रमेश पाधी, कुंजबिहारी राउत, सस्मिता सहित अन्य, प्रधान, सत्य नारायण बेहरा, उमेश चंद्र जेना, सात्विक बारिक, अंजू बारिक सहित सैकड़ों संस्कृति प्रेमी बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।





