पुरानी पैंशन बहाली को लेकर पूर्व अर्धसैनिकों ने जंतर मंतर पर जताया रोष
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पैंशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंधु के आमंत्रण पर अलॉइंस अध्यक्ष पूर्व एडीजी श्री एचआर सिंह के नेतृत्व में पूर्व अर्धसैनिकों द्वारा जंतर-मंतर रैली में शामिल हो कर पैरामिलिट्री जवानों की पुरानी पैंशन बहाल नहीं करने पर केंद्र सरकार के प्रति रोष व्याप्त किया।
अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 11 जनवरी 2023 को माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए ऐतिहासिक फैसले में अर्धसैनिक बलों को भी सेना की तरह पुरानी पैंशन दी जाए साथ ही अपने फैसले में न्यायालय द्वारा सुरक्षा बलों को भी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ द युनियन माना लेकिन केंद्रीय सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई। अब सवाल पैदा होता है कि भारत की पहली रक्षा पंक्ति बीएसएफ जवान जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 118 बंकर्स ध्वस्त किए वो बिना पुरानी पैंशन कहां जाएं उनके बुढ़ापे की लाठी छीन ली गई। पूर्व एडीजी श्री एचआर सिंह के कहे अनुसार 23 मई 2025 को सीएपीएफ कैडर ऑफिसर को ऑर्गेनाइज्ड सर्विस "ए" ग्रुप का दर्जा देने हेतु फैसला दिया जिसके बाद सरकार रिव्यू पिटीशन में चली गई अब माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा केन्द्र सरकार को झटका देते हुए रिव्यू याचिका को भी खारिज कर दिया गया। केंद्रीय सुरक्षा बलों के कैडर आफिसर को संगठित सेवा का दर्जा देने से उपरोक्त आफिसर्स को पदोन्नति व अन्य लाभों के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में वरिष्ठ पदों आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को सीमित किया जा सकेगा। छत्तीसग़ढ व अन्य प्रभावित राज्यों में नक्सलवाद से दिन रात लड़ते केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों को माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी से बहुत उम्मीदें हैं कि आने वाले नए साल में जवानों को पुरानी पैंशन बहाली बौन्नजा व संगठित सेवा का दर्जा उपहार स्वरूप देंगे।





