परमाणु हमले की 78वीं बरसी
नितिन सिन्हा (संपादक-खबरसार)
आज युद्ध इतिहास में उस काले दिन की 78 वीं बरसी है,जो न तो पहले कभी घटी थी,,न इसके बाद में कभी घटनी चाहिए...
क्युकी मानव युद्ध इतिहास में आप नजर डालेंगे तो पाएंगे कि सिर्फ एक दिन के हमले में 1.5 लाख से अधिक निर्दोष लोगों की मौत सिर्फ हिरोशिमा में ही हुई थी।।
आज ही के दिन याने 6 अगस्त 1945 को बी 29 वायु यान से क्रमश: जापान के हिरोशिमा और उसके तीन दिन बाद यानी 9 अगस्त 1945 के दिन नागासाकी शहर में करीब 12.5 किलो टन के वजनी विनाशकारी परमाणु बम गिराए गए थे,, ..
*मतलब जापान के हिरोशिमा शहर पर अमेरिका ने विश्व का पहला परमाणु हमला किया था। हमले की भयावता को समझिए कि "लिटिल बाय" नाम के इस परमाणु बम के हिरोशिमा शहर में गिरते ही यहां के तापमान में 4000 डिग्री की गर्मी पैदा हो गई थी,,जिससे पूरा शहर पल भर में तबाह होकर राख में बदल गया था।*
करीब करीब ऐसा ही कुछ नजारा नागासाकी शहर में तीन बाद देखने को मिला था।। *यहां गिराए गए परमाणु बम का नाम "फैट_मैन" था। इस बम का दुष्प्रभाव भी बराबर का विनाशकारी था।*
पहला हमला जो हिरोशिमा में हुआ था यहां 20,000 से अधिक सैनिक और 146,000 आम नागरिक मारे गए थे। वही दूसरे शहर नागासाकी में
करीब 80,000 लोग मारे गए थे। इस तरह दोनो हमलों में 246,000 से अधिक लोगों की मौतें हुई थीं।।
बताया जाता है कि आज परमाणु हमले के करीब 78 सालों बाद आज भले ही ये दोनो शहर खूब विकसित किए जा चुके हों,, पर तब के इन दो खुशहाल शहरों में मौत का भयावह मंजर आने वाले कई दशकों तक
दिखता रहा,,,यहां सालों तक पैदा होने वाले ज्यादार नवजात बच्चे दिव्यांग होते थे,,इन दोनो शहरों में दशकों तक परमाणु विकिरणों का दुष्प्रभाव नागरिकों,वनस्पतियां और जीव जन्तुओ में देखने को मिलता रहा......
ये तब की बात थी जब सिर्फ अमेरिका के पास ही ऐसा विनाशकारी हथियार था।
आज दुनिया के हर 5 वें देश के पास और सम्भवतः कुछ आतंकी सगठनों के पास भी इन बमों से लगभग 10 गुना अधिक शक्तिशाली परमाणु बमों की पूरी खेप मौजूद है .....जरा सोंचिये अगर आज इनमे से किसी ने भी एटम बम का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ किया तो हम विनाश की किस स्थिति में खड़े होंगे ?..लगता है हमने इतिहास के इस भीषण परमाणु नरसंहार से कुछ भीं नही सीखा है ?.दुनिया के देशों के बीच जारी परमाणु प्रतिस्पर्धा तो यही बताती है।।
परमाणु हमले में मारे गए उन लाखों निर्दोष नागरिकों और सैनिकों को सारांश दैनिक परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धाजंली।





