प्रदुषण की मार झेल रहे राजगांगपुर वासियों ने की आरजीटी से शिकायत

प्रदुषण की मार झेल रहे राजगांगपुर वासियों ने की आरजीटी से शिकायत

रामप्रवेश चौधरी(संवाददाता)

डालमिया सीमेंट की वजह से पर्यावरण पर प्रतिकुल प्रभाव की मार झेल रही राजगांगपुर की जनता न्याय के लिए पहुंची राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (RGT) के पास। 

सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर शहर में डालमिया सीमेंट कंपनी आजादी के ठीक बाद लगाई गई थी अब यह कंपनी लाइन वन, लाइन टू ,लाइन 3 के तहत सीमेंट का उत्पाद कर रही है जिससे शहर एवं गांव में इसके प्रदूषण का प्रभाव साफ देखा जा सकता है।इस वजह से स्थानीय लोगो को आए  प्रदूषण की मार झेलनी पड़ रही है, यहां तक की विषैले पदार्थ को जलाकर सीमेंट तैयार की जा रही है जिससे विषैला दुर्गंध संयंत्र के आसपास वसा शहर वासियों एवं गांव के निवासियो को झेलना पड़ रहा है।

आपको बता दें कि शहर के पर्यावरण बिगड़ने से शहरवासी इसकी शिकायत स्वत: प्रदूषण विभाग को कई बार करने के बाद भी कोई कार्रवाई ना होने पर अब इसकी शिकायत राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल अधिनियम 2010 के तहत नई दिल्ली में की गई है जिसकी  जांच हेतु एक टीम डालमिया सीमेंट कारखाना में विगत 5 जून को पहुंची जिन्हेंए जांच करके एक महीना में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है और कारखाना की विधिवत जांच की गई लेकिन दुर्भाग्य की बात है की राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल के सदस्य शिकायतकर्ता व पत्रकारो को किनारा कर अपनी कारवाई में लगी रही। दिल्ली से आए टीम का यह रवैया अनेक तरह की चर्चाओ का कारण बन गई। जबकि पत्रकारों ने जांच करने आए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (RGT) के सदस्यों से इस जांच के बिषय में जानने की कोशिश की लेकिन पत्रकारों को इस टीम से दूर ही रखा गया। जिससे लोगो के जान में कई तरह के प्रश्न खूड़ कर रही है। लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल एक्ट 2010 (RGT)के तहत किसी भी तरह की शिकायत का निदान 6 माह में किया जाता है। अब देखना यह होगा कि राजगांगपुर वासियों को डालमिया सीमेंट कंपनी के प्रदूषण से राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (RGT) द्वारा कब तक निजात दिला पाती है।