धान को लेकर क्यो परेशान है किसान

पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी बिरमित्रापुर विधानसभा अंतर्गत आने वाले नुआगाँ लैम्प में धान की खरीदारी को लेकर किसान परेशान नजर आए।

किसी ने आँन लाइन आवेदन किया है पर उनका मैसेज नही आया तो किसी का धान नमी की वजह से नही बिक रहा है तो किसी का धान कुछ परिमाण में लेकर कुछ वापस कर दिया जा रहा है। 
किसानो की शिकायत है कि उनके धान को मुँह से चबाकर जाँच किया जा रहा है।
किसानो की शिकायत यह भी है कि उन्हें बोरे के पैसे नही दिए जा रहे है और ना ही बदले में बोरे ही वापस किए जा रहे है,जबकि किसान उन बोरो को ₹30 रूपए कि दर से खरीद रहा है।
किसानो के धान लैंप से वापस किए जा रहे है और बाहर नीजी हाथो में धान बिक नही रहा है ऐसे में छोटे किसानो के पास भी 25 से 100 क्विंटल धान घर में पडा़ रह जाएगा। 
 किसी घर में बेटी व्याहनी है तो किसी को बच्चो के फीस भरनी है तो किसी को लोन की किश्ते चुकानी है ऐसे मे धान की फसल से किसानो को बहुत आश रहती है, कयोंकि धान बेच कर मोटी आमदनी हो जाती थी पर इसबार किसान पूरी तरह से निराश है।