ढाई साल के बच्चे को दे दी गई एक्सपायरी दवाई
सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत आनेवाले बिसरा प्रखंड़ के बिसरा पंचायत क्षेत्र में स्थित सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , में गलतियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रही है। अब एक नयी गलती सामने आई है। यह गलती अस्पताल के फार्मासिस्ट से हुई है, फार्मासिस्ट द्वारा दवाईयों के रख रखाव पर लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है।
आज सुबह फार्मासिस्ट ने रोगी को दे दी एक्सपायरी दवा। यह दवा दो महीने पहले जुलाई माह में ही एक्सपायरी हो गई थी। बिसरा के गुड़गु़ड़ जोड़ निवासी किस्मत अंसारी अपने ढाई साल के बेटे को पेट दर्द होने से बिसरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर आया था, यहां डाक्टर के परामर्श पर फार्मासिस्ट ने डाइ साइक्लो माइन हाइड्रो क्लोराइड सीरप दी , जिसका बैच नंबर डीओ-073 है और यह सीरप अगस्त माह सन् 2023 में बनाई गई है जिसकी अवधी जुलाई माह सन् 2025 को समाप्त हो चुकी है।
यहाँ फार्मासिस्ट की लापरवाही साफ नजर आ रही है।इन दो महिने में दवाई की रैक पर ध्यान क्यों नहीं दिया।अस्पताल में आए नये दवाओं को रैक में रखते समय भी क्या उनका ध्यान इस ओर नहीं गया।या फिर जानबुझ कर यह दवा दी गई।
दूसरी ओर यहां आने वाले कई मरीजों ने आफ कैमरा पहचान छुपाने की शर्त पर यह कहा है कि इस अस्पताल में अक्सर दवाई कम होने की बात कही जाती है। और यह लाजमी भी है सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बहुयात में होती है, अक्सर दवाईयां कम पड़ जाती है। ऐसे में दो माह पहले एक्सपायरी हुई दवाई अस्पताल में रहना और उसपर फार्मासिस्ट का ध्यान ना जाना कई सवाल खडे़ कर रहा है
हमारे पत्रकार ने इस संबंध में चिकित्साधिकारी से संपर्क करना चाहा पर वह मौके पर मौजूद नहीं थे, और उनका मोबाइल भी स्विच आफ आ रहा था।
हमारे पत्रकार के हस्तक्षेप के बाद बदली गई दवाई





