डालमिया भारत फाउंडेशन और जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन ने मिलाया हाथ

डालमिया भारत फाउंडेशन और जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन ने मिलाया हाथ

 रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

डालमिया भारत फाउंडेशन ने खाद्य सेवा उद्योग में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन के साथ गठबंधन किया l स्‍थायी आजीविका के अवसरों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण देगे।

डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) ने क्विक सर्विस रेस्त्राँ (क्‍यूएसआर) परिचालन में ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है। डीबीएफ सीमेंट और चीनी बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी डालमिया भारत लिमिटेड (डीबीएल) की सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) शाखा है, वहीं, जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन खाद्य सेवा, औषधि, जीवन विज्ञान जैसे विविध क्षेत्रों में व्‍यावसायिक रूचि रखने वाले मशहूर समूह, जुबिलेंट भरतिया ग्रुप की सीएसआर शाखा है। इस साझेदारी को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से औपचारिक रूप प्रदान किया गया, इस एमओयू पर आज हस्‍ताक्षर किये गये जिसका उद्देश्य क्‍यूएसआर उद्योग में रोजगार के अवसर मुहैया करना और स्थायी आजीविका को सक्षम बनाना है। भारत में क्‍यूएसआर उद्योग में काफी वृद्धि देखी जा रही है और खाद्य सेवा व्यवसायों के लिए एक विकसित बाज़ार तथा अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम  पूरे भारत में 18 स्थानों में स्थित डीबीएफ के दीक्षा केन्द्रों में संचालित किये जाएंगे। इस पहल के अंतर्गत शिक्षार्थियों को ग्राहक तथा क्‍यूएसआर उद्योग, दोनों की अपेक्षाओं और मानदंडों के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा। डीबीएफ का लक्ष्य वित्त वर्ष 2024 में 3600 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करना है।

84 घंटों के क्लासरूम प्रशिक्षण के इस कोर्स में प्रशिक्षुओं को क्‍यूएसआर उद्योग में आजीविका बनाने के लिए आवश्यक योग्यता से सुसज्जित किया जाएगा। यह विस्तृत पाठ्यक्रम शिक्षार्थियों को क्विक सर्विस रेस्त्राँ (त्वरित सेवा रेस्त्राँ) परिचालन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देगा, जिसमें सेवा में उत्कृष्टता पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन ऑन द जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) के अवसर प्रदान करेगा, जिसमें प्रशिक्षुओं को स्टाइपेंड भी मिलेगा। ओजेटी को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रशिक्षुओं को क्‍यूएसआर उद्योग के संगठित क्षेत्र में पूर्णकालिक नौकरी का प्रस्ताव और राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD), नोएडा द्वारा प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

इस पहल के विषय में डालमिया भारत फाउंडेशन के सीईओ, श्री अशोक के. गुप्ता ने कहा कि, “डालमिया भारत फाउंडेशन में हम समावेशी विकास को बढ़ावा देने तथा हमारी सेवा पाने वाले समुदाय में सकारात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए समर्पित हैं। जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन के साथ हमारा सहयोग हमारे नजरिये के बिलकुल अनुरूप है, जैसा कि हम कौशल विकास के माध्यम ग्रामीण इलाकों की युवा प्रतिभा को सशक्त बनाने का प्रयास करते हैं। क्‍यूएसआर उद्योग में वृद्धि और रोजगार के भारी अवसर उपलब्ध हैं और हमारे अखिल-भारतीय दीक्षा केंद्र उनकी क्षमता को सामने लाने के साथ ही सीखने के केंद्र के तौर पर काम करेंगे। इस परिवर्तनकारी अभियान में हमारा साथ देने के लिए हम जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन की सराहना करते हैं। हम एक साथ मिलकर न केवल स्थायी आजीविकाओं के अवसरों का निर्माण करेंगे, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी योगदान करेंगे।”

इस अवसर पर जुबिलेंट भरतिया ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट और हेड-सीएसआर, श्री विवेक प्रकाश ने कहा कि, “जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन में हम युवा लोगों (पुरुष और महिला) को कार्यबल में उनकी सफलता के लिए ज़रूरी कौशल विकसित करने के समान अवसर प्रदान करने के प्रति वचनबद्ध हैं। क्‍यूएसआर उद्योग कॅरियर शुरू करने के लिए एक शानदार जगह है, और हमारा नया प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस वृद्धिशील उद्योग में नौकरी पाने के लिए युवाओं को आवश्यक कौशल प्रदान करेगा। क्‍यूएसआर में अग्रणी, जुबिलेंट फ़ूडवर्क्स लिमिटेड और प्रशिक्षण साझीदार डालमिया भारत फाउंडेशन के सहयोग से आरम्भ किया गया यह कौशल प्रशिक्षण प्रोग्राम संगठित क्षेत्र में युवा लोगों के लिए और विशेषकर आकांक्षी जिलों और सकारात्मक समूहों के युवाओं के लिए एक सकारात्मक कदम है। क्‍यूएसआर  उद्योग एक वृद्धिशील उद्योग है और इसमें कुशल कर्मचारियों की भारी माँग है। इस अनुभव से युवाओं को अपनी सॉफ्ट स्किल्स, जैसे कि टीम वर्क, संवाद, और समस्या-समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी। इन कुशलताओं से उन्हें अपनी भावी आजीविकाओं के लिए एक मजबूत बुनियाद तैयार करने में भी मदद मिलेगी।”

डालमिया भारत फाउंडेशन पूरे भारत में अपने कारखानों के आस-पास ग्रामीण समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्‍थान की दिशा में लगातार काम करता रहा है। फाउंडेशन ने कौशल विकास, किसानों के लिए आधुनिक कृषि पद्धतियों पर प्रशिक्षण, स्वास्थ्य शिविर और क्षेत्र में अन्य विकासात्मक प्रोग्रामों का संचालन किया है।