चुनाव से पहले सड़क ना बनी तो सभी नेताओं और मंत्रीयो के लिए गाँव में प्रवेश निषेध करेगे ग्रामीण

चुनाव से पहले सड़क ना बनी तो सभी नेताओं और मंत्रीयो के लिए गाँव में प्रवेश निषेध करेगे ग्रामीण

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) सुं

सुंदरगढ़ जिला के राजगांगपुर विधानसभा अंतर्गत आने वाले पंचायत के लोगो की प्रतिक्रिया चुनाव से पहले आने लगी है। यहाँ के ग्रामीण अंचलो में कई स्थानों पर अब भी पक्की सड़क नहीं है। जिससे बरसात के दिनों में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।कच्ची सड़क के कीचड़ से ऊब चुके ग्रामीणों का कहना है कि - यदि गांव की सड़कें चुनाव से पहले नहीं बनी तो किसी भी नेता या मंत्री को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।

उक्त बातें जरेईकेला पंचायत के बहियाम गांव के लोगों ने कही। इसके साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे चुनाव में नोटा का प्रयोग करेंगे। गौरतलब है कि कई वर्षों से मालीडिही पंचायत के जम्बू आरु, जरेइकेला पंचायत के बहियाम गांव को एक कच्ची सड़कसे जोड़ती है। चार किलोमीटर लंबीकच्ची सड़क को पक्का करनेकी मांग जरेईकेला पंचायत के लोगकर रहे है।

यह सड़क बारिश के दिनों में आवागमन के योग्य नहीं रह जाती है। ज ग्रामीणों को पास इस कच्ची सड़क के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।  फलस्वरूप आवश्यकता पड़ने पर अक्सर एम्बुलेंस के आने में काफी देर होती है। जिससे अक्सर गांव के लोग समयाभाव के कारण इलाज के दौरान दम तोड़ देते है। उक्त सड़क से होकर बाहियाम, बूढ़ाम, गुरुन्डिया, प्रखण्ड के पंकडीही पंचायतवासी, जरेइकेला, बरगढ़, लुधाबासा, ढेनगुरपानी, किचमीरी, जैसे प्रायः 12 गांवों के 7,000 से 8,000 लोग गुजरते है। इतना ही नहीं राजगांगपुर स्थित बाजार, कोर्ट, कचहरी, सरकारी कार्यालय, ब्लॉक कार्यालय तक आने के लिए इसी सड़क का उपयोग करते है। 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि चुनाव के पहले उक्त सड़क को नहीं बनाई गई तो किसी भी नेता और मंत्री को गांव में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। हालांकि इसे लेकर ग्रामीणों ने नेता, मंत्री, एवं स्थानीय पार्षदों, विधायकों को पत्र लिखा है। वही इस मामले को लेकर स्थानीय सरपंच सुशीला कुजूर की मौजूदगी में सैकड़ों ग्रामीण बाहियाम गांव में बैठक की और यह निर्णय लिया कि अगर चुनाव के पहले सड़क निर्माण नहीं की गई तो कई किलोमीटर की दूरी तय कर बुचकुपाड़ा होते हुए शहर जाना पड़ता है। इसे लेकर ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों के प्रति बिरोध जताते हुए कहा कि नेताओ को पंचायत के भीतर घुसने नहीं दिया जायेगा। अब देखना यह होगा कि इस विरोध के बाद नेता या सरकारी महकमा क्या कदम उठाते है।