चुनावी दंगल में निर्दलीय उम्मीदवार का भी पलडा़ भारी
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
भाजपा-बीजद व कांग्रेस का प्रचार निर्दलीय बिगाड़ेगे खेल। राजगांगपुर में भाजपा, बीजद व कांग्रेस ने झौंकी ताकत
राजगांगपुर नगरपालिका में नगरपाल पद पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार निर्दलीय प्रतियासी प्रेम प्रकाश प्रसाद का भी पलड़ा भारी।
नगरपाल के एक पद पर नौ व 20 वार्डों में 91 प्रत्याशी मैदान में
आज शाम तक चुनाव प्रचार, मतदान 24 मार्च को,
जिले के महत्वपूर्ण नगरपालिका में शुमार राजगांगपुर में चुनाव प्रचार अंतिम चरण में है। यहां दो दिन बाद 24 मार्च को नगरपालिक चुनाव के लिए मतदान होगा।22 मार्च शाम तक चुनाव प्रचार की अवधि है।
. नगरपाल के एक पद के लिए नौ और पार्षद के 20 सीट के लिए 91 प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में डटे हुए हैं।नगरपाल पद पर कांटे की टक्कर की संभावना के बीच भाजपा बीजद व कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार है।
.नगरपालिका के चेयरमैन व पार्षद का चुनाव के लिए मतदान 24 मार्च को होगा.इसके लिए मंगलवार शाम को चुनाव प्रचार थम जाएगा.वैसे तो नगरपालिक चेयरमैन पद के लिए नौ प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में हैं।. चुनावी प्रचार और लोगों के जनसंपर्क अभियान के मद्देनजर इस बार फिर नगरपाल समेत वार्डों में एक बार कांटे की टक्कर की संभावना बन रही हैं.बीजद की नगरपाल प्रत्याशी माधूरी लुगुन, भाजपा के कुलदीप सिंह और निर्दलीय प्रत्याशी डॉ जयदेव दास, जिन्हें कांग्रेस के नगरपाल प्रत्याशी इफ्तकार अहमद उर्फ पाका बाबू के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस का पूर जोर समर्थन मिल रहा है।
.डॉ जयदेव दास भाजपा के चुनाव चिन्ह पर नगरपाल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडने की उम्मीद लगाए हुए थे,लेकिन पार्टी ने उन्हें दरकिनार कर दिया और भाजपा के वरिष्ठ नेता निष्पक्ष छवि के जमीन से जुड़े कुलदीप सिंह को पार्टी की ओर से नगरपाल प्रत्याशी रुप में चुनावी मैदान में उतारा है।.भाजपा से नाराज़ डॉ जयदेव दास निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नगरपाल प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरना और कांग्रेस का समर्थन मिलने से भाजपा के नफा नुकसान को लेकर तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही है।
. दूसरी ओर बीजद के राज्य उपाध्यक्ष तथा पूर्व विधायक मंगला किसान के करीबियों को इस बार नगरपालिका चुनाव में अनदेखा कर देने से पार्टी के आपसी मतभेद सामने आ गए.इसका प्रभाव नगरपालिका चुनाव में होगा,इसे एक भी चर्चाएं हैं.।
कुछ भाजपा कार्यकर्ता वार्ड पार्षद के रूप में चुनाव लडने के लिए उम्मीदें लगाए बैठे थे,लेकिन उन्हें दरकिनार कर दिया गया और वे भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में खड़े हो गए. इससे यह स्पष्ट है है कि कुछ वार्डों में भाजपा का नुकसान ही होगा,ऐसी चर्चा शहर में चल रही है.।
निर्दलीय नगरपाल प्रत्याशी के रूप में प्रेम प्रकाश का भी कुछ वार्डो में प्रभाव है, जिसका लाभ वार्ड चुनाव में किसे मिलेगा,यह कह पाना मुश्किल है.चुनाव प्रचार थमने में अब कुछ ही घण्टे शेष बचे हुए हैं, ऐसे में सभी दलों के नेताओं ने रोड शो,बाइक रैली एवं चुनावी सभा कर चुनाव प्रचार में ताकत झोंक दी है।
.इस कड़ी में बीजद की ओर से दिलीप तिर्की सहित राज्य व जिला प्रभारी प्रीति रंजन घड़ई समेत पार्टी के दिग्गज नेता चुनावी प्रचार में जुटे हुए हैं।
.भाजपा की ओर से सांसद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने भी अपनी ताकत झोंक दी है.कांग्रेस के नगरपाल प्रत्याशी इफ्तकार अहमद उर्फ पाका बाबू के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के विधायक डॉ सीएस राजन एक्का व उनके समर्थकों ने निर्दलीय प्रत्याशी डॉ जयदेव दास को जीतने के लिए जी तोड कर रहे हैं वही पूर्व पार्षद प्रेम प्रकाश प्रसाद का भी पलड़ा भारी दिख रहा है।
इस कड़ी में नगरपाल पद के अन्य निर्दलीय प्रत्याशी व पार्षद प्रत्याशियों ने भी अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार व अपने वार्ड के लोगों से घर घर जाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने खूब पसीना बहा रहे हैं।





