चरमरा गई तालचेर की स्वास्थ्य व्यवस्था

चरमरा गई तालचेर की स्वास्थ्य व्यवस्था

अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)

औद्योगिक शहर तालचेर में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है
 मरीजों के मुकााबले डाक्टरो की भारी कमी देखी जा रही है।
 तालचेर में इन दिनों बदलतेे मौसम की वजह से उल्टी  सर्दी, खांसी और बुखार से संक्रमित लोगों की संख्या इस कदर इजाफा हुआ है कि घर घर में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस समय तालचेर में पुरातन   सरकारी मंडपाल अस्पताल  से लेकर यहां के सभी निजी अस्पताल और दवा दुकानों पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है।


 मंडपाल अस्पताल  एक औद्योगिक शहर तालचेर जैसे क्षेत्र में एक विश्वसनीय पुरातन सरकारी अस्पतालों मेे सेे एक हैै। यहााँ तालचेर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीज आकर अपना इलाज कराते है।  

एक ओर जहां राज्य सरकार स्वास्थ्य देखभाल को अधिक महत्व दे रही है, वहीं इस अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सी गई है।

 वर्तमान में इस सरकारी अस्पताल में 19 डॉक्टरो की जगह 3 से 4 डॉक्टर ही मरीजों की देखभाल कर रहे हैं।इनमें से एक चिकित्सक, हड्डी रोग का, एक चिकित्सक, दंत चिकित्सा का एक चिकित्सक, फिजियोथैरेपी का एक चिकित्सक और एमबीबीएस के दो चिकित्सक हैं। यहाँ कान, गले के चिकित्सक के पद कई वर्षों से खाली पड़े हैं।  लेकिन भले ही इस अस्पताल परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से बड़े-बड़े भवन बनाए गए हों, लेकिन अब यह जीर्ण-शीर्ण हो गया है और मवेशियों और कुत्तों का आश्रय बन गया है।  इसी तरह इस अस्पताल में कई प्रसिद्ध जीवन रक्षक उपकरण हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने वाला कोई नहीं होने के कारण मरीज परेशान हैं और उक्त उपकरण खराब हो रहे हैं।