पश्चिम ओडिशा के दया ने बालीवुड में बनाई अपनी पहचान
रामप्रवेश चौधरी (संवाददाता)
राजगांगपुर का गौरव दया को नंदीघोष टीवी पर एक झलक देखने के लिए शहरवासी हुए बेताब | मंगलवार कि सुबह आठ बजे ओडिशा का सुप्रसिद्ध टीवी चैनल नंदीघोष में चर्चित कार्यक्रम प्रणाम ओडिशा में राजगांगपुर शहर का गौरव दयानिधि दाहिमा पहली बार अतिथि के रूप में टीवी के प्रसारण में नजर आएं। इस कार्यक्रम की जानकारी शहरवासियों को एक दिन पहले ही मिल चुकी थी जिससे दया का कार्यक्रम देखने के लिए शहरवासी टीवी पर प्रसारण देखने के लिए बेताब नजर आए।
मंगलवार सुबह आठ बजे ओडिशा का प्रसिद्ध टीवी चैनल नंदीघोष के प्रणाम ओडिशा कार्यक्रम में दया अतिथि के रूप में नजर आए और टीवी चैनल नंदीघोष के उद्घोषक के सवाल का जवाब मुस्कराते हुए देते हुए नजर आए। टीवी उद्घोषक ने दया से पुछा कि आप अपने तरीके से बताएं कि आप इस फिल्म मेकिंग में कैसे कदम रखे और आगे क्या करने का प्लान है।
इस पर दया ने मुस्कुराते हुए कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक अब्दुल कलाम ने कहा था कि आत्म विश्वास और कड़ी मेहनत असफलता नामक बिमारी को मारने के लिए सबसे बढ़िया दवा है और मैं उनकी इस बात से काफी प्रभावित हुआ। इसी बात से प्रेरित होकर जिंदगी में कुछ हट कर करने के लिए मैंने मन में ठानी और अपने जिंदगी के अनमोल सपनों को साकार करने के सफर की शुरुआत की। वहीं उन्होंने बताया कि मन में आत्म विश्वास सहित कड़ी मेहनत के साथ धीरे धीरे आगे बढ़ता रहा। इस कड़ी में उन्होंने अपने जिंदगी के संघर्ष के दौर के हर उतार चढ़ाव के बारे में बारिकी से जबाव दिया।
मालूम हो कि ओडिशा राज्य में स्थित सुंदरगढ़ जिले के एक छोटे शहर राजगांगपुर के वरिष्ठ पत्रकार स्व कमलेश दाहिमा का ज्येष्ठ पुत्र दयानिधि दाहिमा अपनी कैरियर की शुरुआत एक विज्ञापन एजेंसी से की थी | हिंदी लघु फिल्म नबाब,सीता और अंर्तवासना का निर्माण कर अपना कदम हिंदी फिल्म निर्माण में खुद को स्थापित किया। पश्चिम ओडिशा से ऐसा करने वाले सबसे कम उम्र का पहला युवा हैं।
अपने साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि अब्दुल कलाम से प्रेरित होकर मुंबई की महानगरी में कदम बढ़ाया और ये मेरा सपना भी था। इस मुंबई के दौर के दौरान अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रजनीकांत, सचिन तेंदुलकर सहित बहुत सारी बड़ी हस्तियों से मिलने का मौका भी मिला,दया ने बताया कि 2012में शुरू किया था अपना सफर। संघर्ष के दौरान घर से रुपए मंगा कर अपने लक्ष्य को पाने की कोशिश कर रहा था और मेरे पापा हर समय मेरा साथ देते हुए मेरा हौसला बढ़ाया। साथ ही साथ परिवार के हर सदस्यों ने मेरा साथ दिया | उन्होंने टीवी चैनल के उद्घोषक के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि बहुत जल्द ही ओड़िया भाषा में फिल्म निर्माण करने की कोशिश जारी है और इसके लिए पूरी टीम के साथ विचार-विमर्श सहित प्लांनिंग की जा रही है। आगे उन्होंने कहा कि ओडिशा राज्य में बनने वाली ओड़िया फिल्म लिंक से हट कर होगी और इसमें कुछ नयापन होगा। मुझे और मेरी टीम को विश्वास है कि ओड़िया भाषा फिल्म निर्माण में हमें कामयाबी हासिल होगी।





