गारपोस स्टेशन में रेल रोको आन्दोलन के कारण 11 घंटे तक वाधित रही इस रूट की ट्रेने
संबलपुर जिला अंतर्गत आनेवाले गारपोस रेलवे स्टेशन पर चार ट्रेनों के ठहराव को लेकर स्थानीय लोगों ने इस रूट को 11 घंटे तक अवरूद्ध कर रखा।यह स्टेशन मुंबई-हावड़ा रूट पर पडने से कई स्टेशनो में ट्रेनो को रोक रखा गया था।
संबलपुर जिला के गड़पोस रेलवे स्टेशन पर आज स्थानीय लोगों ने चार ट्रेनो के ठहराव की माँग को लेकर सुबह 6 बजे से शाम 5:00 बजे लेकर ट्रेनो का चक्का जाम कर रखा था। जिससे लगभग 11 घंटो तक इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से वाधित रहा।
आपको बता दें कि वर्षो से गारपोस रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले स्थानीय निवासी इन ट्रेनों को रोकने हेतु विभागीय कारवाई की थी,लेकिन रेलवे अधिकारियों के उदासीनता के कारण आज विवश होकर स्थानीय लोगों ने अपना आपा खोते हुए गारपोस रेलवे स्टेशन के पटरी पर उतर कर लगभग 11 घंटो तक ट्रेनो का आवागमन बाधित कर रखा। आनन-फानन में रेलवे के उच्च अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। और स्थानीय लोगों की बात सुनने के बाद आश्वासन दिया की तपस्विनी एक्सप्रेस का ठहराव 15 दिनो के अंदर की जाएगी एवं पैसेंजर ट्रेन में रिजर्वेशन बंद की जाएगी। तब जाकर स्थानीय लोग गड़पोस रेलवे स्टेशन की पटरी से उठे और ट्रेनो की आवागमन 11 घंटे बाद सुचारू रूप से चालू हो सका। ज्ञात हो कि स्थानीय लोगों की माँग थी कि पूरी पैसेंजर में रिजर्वेशन ना की जाए वही तपस्विनी ट्रेन का इस स्टेशन में ठहराव किया जाए, इसी तरह इस्पत एवं राजरानी का भी ठहराव किया जाए।रेलवे अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसले में पूरी पैसेंजर ट्रेन में अब रिजर्वेशन नहीं होगा,तपस्विनी ट्रेन 15 दिनो के अंदर गड़पोस रेलवे स्टेशन पर रुकना चालू हो जाएगा। वही कोबिड 19 को देखते हुए आगामी दिनों में इस्पात एवं राजरानी को पहले जैसे ही की जाएगी। इन सारे नियमों के सुझाव के बाद स्थानीय लोगों ने आज का रेलवे का चक्का जाम 11 घंटे बाद समाप्त किया ।आज इस चक्का जाम के कारण जिन ट्रेन को अन्य स्टेशनो पर रोक दिया गया था उन ट्रेनो के यात्रीयो को दिन भर ट्रेन खुलने के इंतजार में अनेक परेशानियो का सामना करना पड़।





