गड़पोष लैप्स कार्यालय में चल रहा है सीएससी ज़ेरॉक्स सेंटर

गड़पोष लैप्स कार्यालय में चल रहा है सीएससी ज़ेरॉक्स सेंटर

रामप्रवेश चौधरी (संपादक) 

संबलपुर जिले के बामरा ब्लॉक  अंतर्गत गड़पोष लैंप कार्यालय अब एक सीएससी और ज़ेरॉक्स कार्यालय में परिवर्तित हो गया है। इस समय किसान धान बिक्रय हेतु पंजीकरण के लिए प्रत्येक लैंप पर लंबी लाइनें लगा रहे हैं। ऐसे समय में गड़पोष लैंप कार्यालय किसानों से अच्छी कमाई करने के इरादे से लैंप कार्यालय में ही सीएससी और जेरॉक्स कार्यालय खोल रखा है।

लैंप प्रबंधक निदेशक पर यह एक गंभीर आरोप लगा है कि गोडपोष लैंप्स के प्रबंधक निदेशक कुचिंडा एआर के साथ मिली भगत करके कार्यालय के अंदर एक ज़ेरॉक्स सेंटर खोल रखा हैं और निर्दोष किसानों से बाजार मूल्य से अधिक पैसे लेकर सीएससी सेंटर और जेरॉक्स की सेवाएँ दे रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि आप बाहर में ज़ेरॉक्स सेंटर पर ज़ेरॉक्स करते हैं, तो आप से प्रति ज़ेरॉक्स 1 या 2 रुपये लिए जा रहे हैं। पंजीकरण के लिए आने वाले किसानों को यहां ज़ेरॉक्स करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, और वे प्रति ज़ेरॉक्स कॉपी 3 रुपये, 5 रुपये और प्रति डाउनलोड कॉपी 10 रुपये ले रहे हैं। अगर कोई किसान ज़ेरॉक्स कॉपी का बिल मांगता है, तो बिल लैंप्स रसीद से काट लिया जा रहा है। जब पत्रकारों ने इस संबंध में लैंप्स के ए.आर. कुचिंडा को फोन किया, तो उन्होंने मामले को स्वीकार किया और ज़ोर देकर कहा कि मैंने अनुमति दे दी है और हमारे यहाँ ज़ेरॉक्स करने का नियम हैं।

और जब पत्रकारों ने उनसे अनुमति पत्र मांगा, तो उन्होंने एम.डी. बाबूलाल सेठी का ज़ेरॉक्स प्रशिक्षण प्रमाणपत्र दिया, लेकिन उसमें कहीं भी यह नहीं लिखा गया है  कि लैंप की ज़ेरॉक्स अंदर ही होगी और इसकी कीमत किसी भी अन्य जगह से ज़्यादा है।

इससे साफ़ है कि कुचिंडा  गड़पोष लैंप्स से मिलीभगत कर दिन-दहाड़े भोले-भाले किसानों को खुलेआम लूट रहा है। जबकि सरकार ने सुंदरगढ़, संबलपुर आदी जिले में किसी भी लैप्स कार्यालय को ऐसी अनुमति नहीं दी है। 


यहाँ प्रश्न उठता है कि सरकार ने कुचिंडा ए.आर. और गड़पोष लैंप्स को इसकी अनुमति कैसे दे दी? यह चर्चा ज़ोरों पर है,और लोगों को यहाँ तक कहते सुना गया कि ये शायद सरकार के लाड़ले बेटे हैं, इसलिए इन्हें लैंप कार्यालयों में व्यापार करने की अनुमति दी गई है।