कब होगा समाधान
डॉ.हरहर शम्भू चौधरी ( मुख्य संपादक )
उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत आने वाली स्मार्ट सिटी राउरकेला से बंडा़मुंडा, बिसरा होते हुए झारखंड तक जाने वाली मुख्य मार्ग पर कुकड़ा गेट में बना रेलवे फाटक राहगीरों और यात्री वाहन चालकों के लिए समस्या बनती जा रही है | हावड़ा मुंबई रेल मार्ग जैसे व्यस्त रूट में बना इस फाटक से हावड़ा -मुंबई के अलावे राउरकेला-राँची ,राउरकेला-वरसुआँ ,आदि रूटों के सवारी व मालवाहक ट्रेनो का आठो पहर आना-जाना लगा रहता है,जिससे इस फाटक को ट्रेन के गुजरने तक बंद रखना पड़ता है,कई बार ऐसा होता है कि तीनो रूटों से गाड़िया एक के बाद एक करके गुजरती है ,इस वज़ह से फाटक घंटों तक बंद रहता है |
फाटक बंद होने से होने वाली परेशानी व नुकसान
यात्री परिवहन सेवा (बस ,ऑटो ); राउरकेला बस अड्डे से निकलने वाली यात्री बस बंडामुंडा ,के रास्ते बिसरा,भालुलाता, जरइकेला,नुआगांव ,सोरडा ,लोआरम व पडोसी राज्य झारखड तक जाती है | इन बसों का रूट एवं समय तय है इसलिए इन बसों को समय से गंतव्य पर पहुंचना होता है ,ऐसा न करने पर पीछे चल रहे बस परिचालक अपने समय का हवाला देते हुए सवारी आपने बस में बैठा लेते है जिससे देर हो चुके बस को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है |
इस फाटक से होते हुए हावड़ा, मुंबई, रांची, वरसुआँ आदि रूटों कि रेल पटरीयां गुजरती है | इन तीनों रूटों में रेलगाड़ियों का बराबर चला चल होने से कभी-कभी घंटों तक फाटक बंद रहता है जिससे यात्री परिवहन चलाने वाले चालको जैसे बस,ऑटो रिक्शा आदि के साथ-साथ आम लोगों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है,कभी-कभी घंटों तक फाटक बंद रहने की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं | ऐसे हालातों में सबसे ज्यादा नुकसान बस मालिकों व दिहाड़ी मजदूरी करने वालों को उठानी पड़ती है |
गलत तरीके से फाटक पार करने कि वजह और दुर्घटना
बहुत देर तक फाटक बंद होने से दुपहिया वाहन चालक और साइकल सवार लोग अपने वाहनों को बंद फाटक के नीचे से या घेरे के बगल से निकालने लगते है ,जिससे ऐसे लोग कई बार दुर्घटना का भी शिकार हो जातें है | हाल ही में इसी माह कि तीन तारीख को एतवा ओराम नामक रेलवे कर्मचारी कि मौत अपने मोटर साइकल को फाटक बंद होने के कारण घेरे के बगल से निकालने के क्रम में ट्रेन कि चपेट में आ जाने से हो गई थी | एतवा ओराम अपने काम पर निकले थे,वे रेलवे कर्मचारी थे | फाटक बंद होने के कारण काम पर पहुँचने के लिए देर न हो जाय कारण से वे बगल से निकलकर जल्द फाटक को पार करना चाहते थे कि उसी समय वंहा से एक ट्रेन गुजरी जिसकी चपेट में आ कर एतवा ओराम कि मृत्यु हो गई |
फ्लाई ओवर कि है मांग
समय समय पर बिभिन्न संगठनों व स्थानिये लोंगों ,जनप्रतिनिधियों द्वारा यंहां फ्लाई ओवर बंनाने कि मांग होती रही है | मिडिया सूत्रों से मिल रही जानकारी के आनुसार एक बार फिर से कुकड़ा गेट में फ्लाई-ओवर बनाने का रास्ता साफ़ होता दिख रहा है | इससे पहले भी फ्लाईओवर के लिए नक्से बने ,भूमी पूजन हुआ,हरताले एवं धरना प्रदर्शन हुए पर फ्लाईओवर नहीं बना |
इस बार फिर एक बार इस बिषय को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है ,मिडिया में खबरे आ रही है ,पर देखना दिलचस्प होगा कि इस बार काम होता है या हर बार कि तरह इस बार भी यह कार्य खबरों तक सिमट कर रह जाती है |





