ओडिशा सरकार ने अपने नागरिको को युक्रेन से लाने के लिए उठाए कदम

ओडिशा सरकार ने अपने नागरिको को युक्रेन से लाने के लिए उठाए कदम

ओडिशा सरकार ने युक्रेन में युद्ध की हालातो को देखते हुए वहाँ से अपने नागरिको बिशेष कर विद्यार्थीयो को वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाया है। 

जिसकि जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए सार्वजनिक की गई है, जो इस प्रकार हैं -

सुरेशचंद्र महापात्रा, आईएएस मुख्य सचिव, ओडिशा लोकसेवा भवन, सचिवालय मार्ग, भुवनेश्वर कि ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि,

यूक्रेन में व्याप्त संकट के कारण, कई लोग विशेष रूप से ओडिशा के छात्र अभी भी युद्ध संभावित यूक्रेन में फंसे हुए हैं और उन्हें निकालने की आवश्यकता है।  साथ ही ओडिशा के कई छात्र/नागरिक हंगरी, पोलैंड, रोमानिया और स्लोवाकिया जैसे पड़ोसी देशों में गए हैं, जहां से उन्हें विशेष उड़ानों द्वारा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा निकाला जा रहा है। अत्यावश्यक यूक्रेन संकट, ओडिशा सरकार गृह विभाग का आदेश दिनांक  03.03.2022 को जारी किया गया है, जिसके अनुसार ओडिशा सरकार ने निवासी आयुक्त और संबंधित देशों के साथ समन्वय करने के लिए और विशेष रूप से सीमावर्ती स्थान से यूक्रेन से छात्रों / एनआरओ की निकासी सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित विशेष प्रतिनिधियों को नामित करने का निर्णय लिया है। 
 जो इस प्रकार हैं, विशेष प्रतिनिधि विक्रमादित्य, उपाध्यक्ष, केआईआईटी विश्वविद्यालय और केआईएसएस विश्वविद्यालय, (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) अरुशी रे, एसएनआर टीडीपीएस अधिकारी, जीएलडीसी, यूएनएचसीआर बैशाली मोहंती, (संयुक्त राष्ट्र नीति अधिकारी)(डब्ल्यूएफपी, रोम) अनुराग पटनायक, (हंगरी में स्थित, सलाहकार) 
पोलैंड और समग्र समन्वय हंगरी रोमानिया स्लोवाकिया निवासी आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली इस उद्देश्य के लिए नोडल कार्यालय होगा।  इस उद्देश्य के लिए सभी खर्च सीएमआरएफ से वहन किए जाएंगे।