उच्च न्यायालय में शंकर ओराम की याचिका खारिज

विरमित्रपुर विधानसभा चुनाव को लेकर शंकर ओराम ने ओडिशा उच्च न्यायालय में की थी याचिका दायर

उच्च न्यायालय में शंकर ओराम की याचिका खारिज

विरमित्रपुर विधानसभा चुनाव को लेकर पुर्व विधायक शंकर ओराम ने ओडिशा उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी, जिसके बाद उन्होंने इस याचिका की सूनवाई को आगे बढाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसके कारण उच्च न्यायालय के न्यायधीश के आदेश पर याचिका खारिज कर दिया गया। याचिका को आगे ना बढा़ने का कारण बताते हुए कहा गया है कि -
“यह प्रस्तुत किया जाता है कि स्पीड पोस्ट के साथ-साथ व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से बार-बार संपर्क करने के बावजूद चुनाव याचिकाकर्ता शंकर ओराम ने कोई जवाब नहीं दिया, इसलिए चुनाव याचिकाकर्ता के वकील ने 01.09.2025 को अपने लेटर पैड पर उनके डाक पते पर एक पत्र भेजा और उनसे सहयोग करने का अनुरोध किया, अन्यथा वह दिनांक 14.08.2025 के आदेश के साथ इस मामले को आगे बढ़ाने में असमर्थ हैं। 17.09.2025 को चुनाव याचिकाकर्ता के वकील ने इस माननीय न्यायालय के पिछले आदेश के बारे में भी सूचित किया। 13.10.2025 को भी वकील ने कोर्ट के आदेश का पालन करने और मामले के सुचारू संचालन के लिए सहयोग करने के लिए दिनांक 18.09.2025 का आदेश व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा, इसके अलावा चुनाव याचिकाकर्ता के वकील ने अपने सहयोगी को भी उपरोक्त जानकारी देने के लिए सूचित किया, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है और चुनाव याचिकाकर्ता की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है। इसलिए, चुनाव याचिकाकर्ता के वकील ने 'कोई निर्देश नहीं' के लिए यह मेमो फाइल किया है।”
मेमो में बताए गए चुनाव याचिकाकर्ता के इस आचरण से ऐसा लगता है कि वह अब इस चुनाव याचिका को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं रखता है।
तदनुसार, निर्देश की कमी के कारण चुनाव याचिका खारिज की जाती है।