सरडेगा रनिंग रुम में लगी आग भूखे रह गए लोको पायलट
चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेल मंडल में एक ओर जहां अग्निशमन सप्ताह में आग लगने से बचाव के लिए रेल कर्मियों को जागरुक किया जा रहा है वहीं मंडल के सरडेगा रनिंग रुम में कर्मचारीयों की लापरवाही के कारण रनिंग रुम के रसोई में लगे सिलेंडर के जर्जर पाईप से गैस रिसाव हो रहा था फलस्वरूप रनिंगरूम में भीषण आग लग गयी और सिंलेडर जोर के धमाके के साथ फट गया। यह घटना चर्चा का विषय बना हुआ है। इस आगजनी की घटना में रनिंग रुम के रसोई में काम कर रहे दो कर्मचारीयों ने भाग कर अपनी जान बचाई। आग लगने की घटना से यहां अफरा तफरी मच गई। मौके पर ड्यूटी पर तैनात लोको पायलटों से मिली जानकारी के अनुसार रनिंग रुम के किचन में शाम लगभग साढ़े छह बजे गैस सिलेंडर में लगे जर्जर पाईप में गैस रिसाव के कारण यहां अचानक आग लग गयी और आग की लपटें ऊंचाई तक दिखने लगा। इस घटना की जानकारी मिलते ही यहां पर ड्यूटी करने के बाद बिना भोजन किए विश्राम कर रहे लोको पायल कमरे से बाहर निकल कर अपनी जान बचाई। इस घटना में रसोई का सारा सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि सरडेगा रनिंग रुम में आग लगने की घटना रेलवे के लोको पायलटों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा रहा है। आज चक्रधरपुर के मंड़ल रेल प्रबंधक राउरकेला में एनआई कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। वहीं सरडेगा (एमसीएल) के रनिंग रुम में आग लगने घटना सामने आई।
इस घटना ने रनिंग रुम में अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गैस सिलेंडर का जर्जर पाईप बदलने के लिए ठेकेदार को रनिंगरूम में कार्यरत कर्मचारीयों के द्वारा पहले से सावधान कराया गया था लेकिन जर्जर पाईप नहीं बदला गया। लोको पायलटों का कहना है कि सरडेगा रनिंग रुम में दो दो केयर टेकर हैं। सीसी नहीं रहने के कारण पिछले दो साल से केयर टेकर दिवाकर कुमार यहां के केयर टेकर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इस बीच ड्राफ्टेट सीसी के सी प्रधान को नियुक्त किया गया लेकिन दिवाकर कुमार को ही केयरटेकर बनाए रखा गया हैं। फिलहाल आग लगने की घटना की जांच की जा रही है। इस आगजनी की घटना से मौके पर उपस्थित लोको पायलटों को भोजन नहीं मिला जिसकी शिकायत उन्होंने संबंधित अधिकारियों से की है।





