राउरकेला में भव्य रूप से मनाई गई विश्व योग दिवस

राउरकेला में भव्य रूप से मनाई गई विश्व योग दिवस

हमारे देश देव भूमी भारत में करोड़ों लोगों ने प्रातः काल योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस मनाया। 
आज एक ऐसी तस्वीर भी सामने आइ है , जो उन लोगों के लिए एक सबक है, जो जगह योग ना करने के लिए तरह तरह के बहाने तलाश कर लेते है। 
यह तस्वीर है एक ट्रेन की जिसमें ओडिशा के तिर्थ यात्री थे, ये तिर्थ यात्री सोमनाथ ज्योर्तिलिंग का दर्शन करके वापस ओडिशा‌ लौट रहे है। सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा , ट्रेन में सफर कर रहे 1200 यात्रीयों ने ट्रेन में अपनी अपनी सीट पर ही, एक साथ योगाभ्यास किया। और इस तरह 12 सौ लोगों‌ ने आज विश्व योग दिवस मनाया।, 
वही सुंदरगढ़ जिले में स्थानीय कलेक्टर डाक्टर सुभंकर महापात्रो, राउरकेला के पुलिस उप महानिरीक्षक, बृजेश कुमार राय, पुलिस अधीक्षक  नितेश वाधवानी समेत सैकड़ो पुलिस कर्मियों ने योगाभ्यास किया।
साथ ही राउरकेला में हजारों‌ लोगों ने स्थानीय बिरसा मुंडा स्टेडियम, स्थानीय पार्को, टाउन हाल , शिक्षण संस्थानों, एवं मैदानों तथा विभिन्न स्थानों में योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस मनाया। 
आपको बता दें कि, भारत की प्राचीन परंपराओं में निहित योग, एक आध्यात्मिक और दार्शनिक अभ्यास से विकसित होकर शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण के लिए एक वैश्विक आंदोलन बन गया है। इसकी सार्वभौमिक अपील और लाभों को पहचानते हुए , संयुक्त राष्ट्र ने सन्  2014 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लम्बा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घायु बनाता है।  

योग की विशेषताओ का वर्णन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि, 
योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। 
यह केवल व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपनाने की दिशा में काम करते हैं।। 
भारत में कई योग गुरु हुए और योग को जन जन तक पहुँचाने के लिए अपना जिवन लगा दिया।