मिसाइल मैंन की पुण्यतिथि आज
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
डॉ. अब्दुल कलाम पुण्यतिथि आज : जानें भारत के मिसाइल मैन की 10 अनसुनी बातें।
आज भारत के 11वें राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि है. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर आज हम आपको भारत के मिसाइल मैन के बारे में कुछ खास बातें बताएंगे.
एक महान विचारक, लेखक और वैज्ञानिक के साथ ही भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की आज सातवीं पुण्यतिथि है. आज भले ही डॉ एपीजे अब्दुल कलाम हम सभी के बीच नहीं हैं लेकिन उनका आदर्शों भरा जीवन हर एक देशवासी को जीवन में अग्रसर रहने और सफलता की सीढ़ियों पर निरंतर चलते रहने को प्रेरित करता है.
एक एयरोस्पेस वैज्ञानिक होने के साथ ही डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने 2002 से 2007 तक भारत के 11 वें राष्ट्रपति की भुमिका निभाई है. उन्होंने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के साथ भी काम किया है. भारत में हर कोई उन्हें मिसाइल मैन के नाम से भी जानता है.
अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को एक तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था. उनका पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम है. हालांकि नाम लम्बा होने के कारण उन्हें एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से मुख़्य तौर पर जाना जाता है.
वह जुलाई 1992 से दिसंबर 1999 तक प्रधान मंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के सचिव थे. पोखरण-2 नुक्लिअर टेस्ट इस अवधि के दौरान किए गए थे. जिसमें उन्होंने एक इम्पोर्टेन्ट पोलिटिकल और टेक्निकल भूमिका निभाई थी।
उनका जन्म बहुत गरीब परिवार में हुआ था और अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए, कलाम अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान समाचार पत्र बांटते थे।
एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि देते हुए ओडिशा सरकार ने व्हीलर द्वीप का नाम उनके नाम पर रखा था. डॉ अब्दुल कलाम द्वीप लगभग 150 किलोमीटर है।
एपीजे अब्दुल कलाम ने हमारे देश के 11वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था. उन्होंने 2002 के राष्ट्रपति चुनाव में लक्ष्मी सहगल के खिलाफ चुनाव में 922,884 वोट प्राप्त करके जीत हासिल की थी. उनका कार्यकाल 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक रहा था.
वे भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे. जिन्हें यह पद मिलने से पहले ही भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका था. इससे पहले डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. जाकिर हुसैन को भी राष्ट्रपति बनने से पहले भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका था. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को 1997 में भारत रत्न मिला, जबकि वे 2002 में राष्ट्रपति बने थे।
उनकी आत्मकथा विंग्स ऑफ फायर: एन ऑटोबायोग्राफी पहली बार अंग्रेजी में प्रकाशित हुई थी. बाद में इसका फ्रेंच और चीनी सहित 13 भाषाओं में अनुवाद किया गया. उनके जीवन और कार्यों पर इसके अलावा छह और आत्मकथाएं हैं.
आपको जानकर हैरानी होगी कि एपीजे अब्दुल कलाम को देश-विदेश के 48 विश्वविद्यालयों और संस्थानों से डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिली थी.
दो नेताओं को भारतीय बच्चों का चहेता बताया जाता है. लोग प्रधान मंत्री नेहरू को चाचा नेहरू के रूप में जानते थे. वहीं कलाम ऐसे राष्ट्रपति थे जो बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय थे एपीजे अब्दुल कलाम को अपना समय बच्चों के बीच बिताना बहुत पसंद था।
27 जुलाई 2015, शिलोंग आई.आई.एम (IIM) में एक कार्यक्रम में अब्दुल कलाम की अचानक हुई हृदयघात से मौत हु्ई थी . कार्यक्रम में मौजूद उनके एक सहयोगी ने बताया कि उनके आखिरी शब्द थे- ‘फनी गाएज, आर यू डूइंग वैल?’





