बौखलाई राजकुमारी क्यो लगा रही है अपने देवर पर बार बार आरोप

बौखलाई राजकुमारी क्यो लगा रही है अपने देवर पर बार बार आरोप

बंडामुंडा़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले तिलकानगर निवासी  राजकुमारी चौधरी पत्नी प्रेमलाल चौधरी  पिछले डेढ़ साल से अपने देवर पर अपने ही बेटे का अपहरण करने का आरोप लगा रही थी। जब सच सामने आया तो बौखलाई राजकुमारी अपने देवर पर आरोपो की झडी़ लगा दी। 
राजकुमारी चौधरी के देवर ने पुलिस के सामने जो साक्ष्य प्रस्तुत किए उससे साबित हो गया कि उसके बेटे का अपहरण नही हुआ बल्कि राजकुमारी चौधरी के पति अपने बेटे को लेकर अपने गाँव गया था। 
यहाँ प्रश्न उठता है कि क्यों राजकुमारी ने अपने देवर पर अपने ही बेटे को अपहरण कर लेने का झूठा आरोप लगाया। 

दरासल राजकुमारी चौधरी ने यह सारा षड़यंत्र रचा देवर की शादी रोकने के लिए ताकि उसकी शादी ना हो और उसकी संपत्ति पर वह ताउम्र ऐस कर सके। इस काम में पति उसके दोस्त भीखारी साहू और मायके वालो का पूरा साथ मिल रहा है राजकुमारी को।
दोनो पती पत्नी ने इससे पहले भी भााइयोंके कई शादी तुडवा चुके है इतना ही नही राजकुमारी और उसके पति प्रेमलाल की षडयंत्र ने एक भाई की शादी होने ही नही दी  ताकि अपने बच्चो के जरिए उनकी संंपत्ति हासिल कर सके। लेकिन इस भाई ने इन दोनो के खिलाफ जाकर शादी कर ली जो इन दोनों को नगवार गुजरी और अब पूरी कोशिश में लगे है की किसी तरह शादी तोड़ दी जाए।

राजकुमारी चौधरी का बदलता बयान 
राजकुमारी चौधरी द्वारा थाने में दी गई शिकायत के अनुसार राजकुमारी के पति और उनके दो भाइयों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, उसके गहने पैसे ,और बेटे को उससे छीन कर ले गए। जो झूठा साबित हुआ। 


बस्ती के लोगो से यह कहा कि उसका देवर सडृक पर खड़ा था जिसने  मोटरसाइकिल में बैठाकर उसके बेटे को लेगया। दोनों ही बातें अलग है अगर वह सड़क पर खड़ा था तो उसके साथ मारपीट कर बच्चे को कैसे छीना।मतलब साफ़ है, देवर पर लगाया अपहरण का झूठा आरोप।


कोर्ट में जज के सामने कहा कि उसका पति उसके बेटे को अपने गाँव  में छोड़कर आया। जबकि पुलिस और बस्ती वालों से यह कहती रही कि मुझे नहीं पता मेरा बेटा कहां है जिंदा है भी या नहीं पता नहीं।

राजकुमारी हर किसी के सामने एक नई कहानी बयाँ कर रही है। कल तक पुलिस और बस्तीवासियो के सामने मगरमच्छ की आँसू बहाने वाली राजकुमारी यह कह कर रो रही थी कि मेरा बेटा कहाँ है मुझे नही मालूम कोई मुझसे बात भी नही करवाता, मेरा बेटा जिंदा है भी या नही क्या पता। वही राजकुमारी जज के सामने कहती है कि उसका बेटा उत्तर प्रदेश स्थित अपने वास्तविक घर में है।

देवर ने पुलिस को जानकारी दी उसके मुताबिक राजकुमारी का यह खेल‌ मार्च 2021 से शुरू हुआ और अक्टूबर 2021 को उसके देवर की शादी थी ।यह रिश्ता जनवरी 2021 को ही पक्का हो चुका था। यह शादी होली के बाद होने वाली थी पर राजकुमारी और उनके पति ने बेटे की मुंडन की बात कहकर तारीख आगे बढ़ा दी। सच तो यह है कि बेटे का मुंडन कराने के लिए राजकुमारी का पति अपने बेटे को गांव लेकर गया था।

यहां प्रश्न उठता है कि अपने बेटे के मुंडन संस्कार में राजकुमारी उसके साथ क्यों नहीं गई। 

आपको बता दें कि राजकुमारी की दो संतानें हैं जिसमें बेटी बड़ी है और अपाहिज है बेटा छोटा है जिसका मनौती किया गया था और मनौती की वजह से बाल छोड़ा गया था जिसका मुंडन कराने के लिए उसे गांव ले जाया गया और राजकुमारी अपनी अपाहिज बेटी को साथ‌ इसलिए  रखी ताकि सहानुभूति बटोर सके और अपने‌ देवर जो शादी की तैयारी में व्यस्त था को इतना परेशान करे उसपर ऐसे ऐसे इल्जाम लगाए कि बात उसके ससुराल तक पहुंचे और शादी टूट जाए। पर शादी हो गई जिसके बाद राजकुमारी आग बबूला हो गई।और‌ अपने‌ देवर पर आरोपों की झड़ लगा दी ताकि शादी टूट जाए। इसलिए कि जिस घर में वह यह रही है उसे उसके उसी देवर ने बनवाया था और इसघर में राजकुमारी इस शर्त पर रह रही थी कि उसकी शादी के बाद पति-पत्नी यह घर छोडृ देंगे। पति ने तो अपने वादे के मुताबिक घर छैडृ दी पर राजकुमारी अपने पति के साथ जाने के बजाए उसी घर में जड़ जमाए बैठी है।

अब देखना यह है कि सच सामने आने के बाद जिस राजकुमारी ने जन प्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारयो ,महिला समुहो और पूरी बस्ती के नाक में दम कर रखा है अपने बेटे को लेकर उसे यह लोग क्या सजा देते हैं। राजकुमारी ने पुलिस का एक दो घंटा नहीं बल्कि सालों से समय बर्बाद कर रही है। इसपर पुलिस राजकुमारी पर क्या कार्रवाई करती है।