बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी बुलू कुमार स्वाईं पर कई गंभीर आरोप

बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी बुलू कुमार स्वाईं पर कई गंभीर आरोप

ओडिशा के राउरकेला पुलिस जिला अंतर्गत आनेवाले बंडा़मुंडा़ थाना में थाना प्रभारी निरीक्षक बुलू कुमार स्वाईं पर बंडा़मुंडा़ थाना क्षेत्र में आनेवाले डी केबिन निवासी बिलकेन भेंगरा ने लगाए गंभीर आरोप। 

बिलकेन भेंगरा एक सुरक्षा एजेंसी चलाते है। और एक चर्च के पादरी भी है, श्री भेगरा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी श्री भेंगरा को कुछ लोगों द्वारा उनपर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकि के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। 

पर थाना प्रभारी बुलू कुमार स्वाईं ने उससे अमानवीय व्यवहार करते हुए उसे बेरहमी से मारा और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को आदेश देते हुए कहा कि इसे काटकर फेंक दो। 

इंडियन खबर एक्सप्रेस ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित की है।

जिसके बाद एक के बाद एक कई मीडिया हाउस ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित की है। 

बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी पर इससे पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके है।जिसमें बहुचर्चित तिलका नगर निवासी राजकुमारी प्रकरण में राजकुमारी को उसके देवर के घर को अवैध रूप से कब्जा करने में म मदद करने का आरोप भी लग चुका है। इस सबंध में राजकुमारी चौधरी के देवर ने थाना प्रभारी बुलू कुमार स्वाईं के विरूद्ध में पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है कि राजकुमारी चौधरी उसकी अनुपस्थिति में उसके घर का ताला तोड़ कर अवैध रूप से कब्जा कर रह रही है।

और उसके द्वारा थाना प्रभारी बुलू कुमार स्वाईं के समक्ष राजकुमारी चौधरी के विरूद्ध दी गई शिकायतों पर अब तक कोई कार्यवाही नही की गई है जिसका कारण यह है कि राजकुमारी को ताला तोड़ने की इजाजत बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी निरीक्षक बुलू कुमार स्वाईं ने ही दी है।जिसका प्रमाण यह आडीयो है। 

 

यही नही बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी पर सुचाना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी को देने में आनाकानी करने और घर तोडने संबंधी गलत सूचना देने का भी आरोप है

इस संबंध में बुलू कुमार स्वाईं के विरूद्ध (SP2023202696)में मामला दर्ज कराई गई है जो पुलिस अधीक्षक के पास विचाराधीन है। 

बंडा़मुंडा़ थाना क्षेत्र में आनेवाले सेक्टर सी निवासी मार्कंडे प्रसाद सिंह द्वारा राउरकेला सिविल जज की अदालत में दायर याचिका  I.A,No.35/2023 Arising out of civil suit no.03/2023 । के 9 वें पैरा में अदालत में शिकायत दर्ज कराने का कारण बताते हुए इस बात का उल्लेख किया गया है कि 16/01/2023 को वह बंडा़मुंडा़ थाने में शिकायत दर्ज कराने गया था पर वहाँ उसकी नही सुनी गई इसलिए उन्हे अदालत में आना पड़ा। यह घटना वर्तमान विवादो में घिरे बंडा़मुंडा़ थाना प्रभारी निरीक्षक बुलु कुमार स्वाईं के कार्यकाल में ही घटित हुई है। जिसे  समाचार पोर्टल सारांश दैनिक में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।  इस लिंक में जाकर पूरी खबर पढी़ जा सकती है। 

https://saranshdainik.com/थाने-में-नहीं-सुनी-गई-शिकायत-तो-पीडित-पहुँचा-कोर्ट

बंडा़मुंडा़ थाना में मनमानी का यह तो केवल एक उदाहरण मात्र है इसलिए प्रकाशित हो सका कयोंकि यह सारी घटनाएं मीडिया तक पहुंच पाई। कई ऐसे भी लोग और होगें जिनकी फरियाद इस थाने में नही सुनी गई होगी , ओर ना ही उनका दर्द मीडिया तक पहुंच पाया, कई ऐसे भी लोग है जो पुलिस वालो की शिकायत उच्चाधिकारी के पास करने से इसलिए डरते है कि कहीं ऐसा करने से फलां पुलिस वाला मुझपर अनावश्यक रूप से अत्याचार ना कर बैठे।  एक थाना प्रभारी निरीक्षक पर इस तरह के आरोप लगना एक गंभीर बिषय है। अब देखना यह है कि संबंधित थाना प्रभारी निरीक्षक पर पुलिस विभाग क्या कार्यवाही करती है।