प्राचीन आकाश से आधुनिक क्षितिज तक

प्राचीन आकाश से आधुनिक क्षितिज तक

राष्ट्रीय अंतरिक्ष सप्ताह 2025 के अवसर पर, बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीपीयूटी), राउरकेला ने 2 सितंबर 2025 को "भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष गाथा: प्राचीन आकाश से आधुनिक क्षितिज तक" शीर्षक से एक लोकप्रिय चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष सभागार में आयोजित किया गया और प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक श्री गंधर्व बेहरा ने इसे संबोधित किया।

ओडिशा रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (ओआरएसएसी) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी और इसरो में रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उप निदेशक, श्री बेहरा ने भारत की उल्लेखनीय अंतरिक्ष यात्रा के माध्यम से श्रोताओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने इसरो की स्थापना से लेकर चंद्रमा के दक्षिणी भाग पर चंद्रयान-3 के ऐतिहासिक अवतरण तक की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस व्याख्यान में, श्री बेहरा ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य की झलकियाँ प्रस्तुत कीं, जैसे कि 2028 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना और 2040 तक देश के नियोजित मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन।

इस व्याख्यान में भारतीय वैज्ञानिकों की अविश्वसनीय उपलब्धियों और देश के सफल अंतरिक्ष अभियानों का प्रदर्शन किया गया, जिससे छात्रों और शिक्षकों को प्रेरणा मिली। इस व्याख्यान का उद्देश्य अगली पीढ़ी को अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की निरंतर विरासत में योगदान देने के लिए प्रेरित करना था।