पश्चिम ओडिशा से करोडो़ रूपये की कोयला चोरी का खुलासा जाँच में जुटी एसआइटी
रायगढ़ जिले के एक बड़े कोल माफिया समूह का हैरत अंगेज
कारनामा !सालों पहले कोयले की कई माइंस को चोरी कर की करोड़ों अरबों की काली कमाई!जब तक सरकार को बात पता चली तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पड़ोसी राज्य उड़ीसा के सीमावर्ती जिले सुंदरगढ़ से जानकारी मिल रही है कि चोरी हुए कोयला खदानो में SIT की धमक हुई है।
चोरी हुए कोयला खदान की जांच करने विजिलेंस SIT की विशेष टीम पिछले दिनों गोपालपुर पहुंची। उड़ीसा के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जांच शुरू हुई। 10 सदस्यीय टीम चोरी हुए कोयला खदान में जमीन की जांच कर रही है। स्थानीय तहसीलदार और वन रेंज अधिकारी भी उनके साथ हैं।
स्थानीय न्यूज चैनल की खबर का बड़ा असर देखने को मिला। कि सालों पहले चोरी हुए कोयला खदानों में विजिलेंस की एसआईटी टीम ने उपस्थिति दर्ज कराई। सुंदरगढ़ चोरी हुए कोयला खदानों की जांच के लिए विजिलेंस एसआईटी की विशेष टीम गोपालपुर, तेलेनडीह, रतनसरा, भोगराकछार पहुंची। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जांच शुरू हुई। 10 सदस्यीय टीम चोरी हुए कोयला खदानों की जमीनी जांच कर रही है। विजिलेंस की विशेष 10 सदस्यीय एसआईटी टीम में राज्य खनन विभाग की विशेष प्रवर्तन टीम, जिला खनन विभाग के अधिकारी, स्थानीय तहसीलदार और वन रेंज अधिकारी भी शामिल हैं। विजिलेंस की विशेष एसआईटी प्रत्येक चोरी हुए खदान में जाकर जांच कर रही है कि वहां कितना कोयला चोरी हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने यह सूची भी तैयार की है, कि यहां खनन और चोरी कब से शुरू हुई थी और किन माफियाओं ने खदानों की चोरी की है। पता चला है कि विजिलेंस ने छत्तीसगढ़ रायगढ़ के उन माफिया सदस्यों की विस्तृत सूची तैयार कर ली है। जिसकी सीधी जानकारी मुख्यमंत्री उड़ीसा को दिया जाना है। हालाकि आगे कि कार्यवाही को लेकर जांच टीम ने विशेष जानकारी नहीं दी,लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार राज्य से होने वाली बड़ी कोयला तस्करी पर ब्रेक लगाया जायेगा।।





