तीन लाख ऋण देने का लालच दिखा कर करवादी जीवनबीमा
रामप्रवेश चौधरी (संपादक)
भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधक का गोलमाल, ऋण देने का आश्वासन देकर जीवन बीमा करा दी और बीमा होजाने के बाद ऋण देने से कर दिया इंकार। क्या बैक प्रबंधक ने अपना जीवन बीमा कराने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ऐसा किया। ग्राहकों की बातो से लगता तो यही है। या फिर और ज्यादा कमाई करना चाहते थे प्रबंधक क्योकि ग्राक्षको ने बताया कि लोन देने के बावद में पच्चीस पच्पचीस हजार रूपये की मांग की गई।
सुंदरगढ़ जिला के कुंआरमुंडा ब्लॉक अंतर्गत दलकी गांव स्थित एसबीआई बैंक के मैनेजर द्वारा ऋण का आश्वासन देकर जीवन बीमा करा देने का मामला प्रकाश में आया है।
अभी कल की ही बात है ओडिशा के आदिवासी महिला महामहिम द्रोपदी मुर्मू को एनडीए ने सर्वोच्च नागरिक का पद दिला कर आदिवासियों को सर्वोच्च ऊंचाई तक पहुंचाया है।
वही आदिवासियों के साथ इस तरह एक बैंक प्रबंधक द्वारा ऋण देने के नाम पर जीवन बीमा कर एवं ऋण के बाबत में ₹25000 की माँग करना कई तरह के सवाल खड़ी कर रही है।
वही इस तरह के धोखाधड़ी से यही प्रतीत होता है कि आज भी गांव के आदिवासी कितने सीधे हैं जिसका जीता जागता उदाहरण इन आदिवासियों के शिकायत द्वारा मिल रही है।
वही दलकी गांव के भारतीय स्टेेट बैंक प्रबंधक विष्णु चरण साहू पर शिकायतकर्ताओ की शिकायत है कि दलकी शाखा बैंक प्रबंधक ने हम लोगों को ऋण देने का लालच दिखाकर जीवन बीमा करवाया था यह बीमा ₹15000 लेकर की गई थी उसके बाद जब हम लोगों ने लोन के लिए अपनी सारे कागजात की तो ऋण देने के बाबद में बैंक मैनेजर द्वारा ₹ 25000 हजार रिश्वत देने की बात कही तब जाकर लोन होगा इस तरह की शिकायत एक व्यक्ति नहीं कई शिकायतकर्ताओ द्वारा की गई है।
इस विषय में जब पत्रकारों द्वारा पूछी गई तो बैंक मैनेजर द्वारा इस शिकायत को सरासर झूठ बताया और किसी तरह की बाइट देने से साफ इंकार कर दीया।वही इन आदिवासी शिकायतकर्ताओ द्वारा प्रशासन से उचित कारवाई कर गरीब आदिवासियों का पैसा वापस दिलाए जाने की मांग की जा की जाए एवं शिकायत सही मिलने पर बैंक मैनेजर पर उचित कार्रवाई करने की मांग गरीब आदिवासियों द्वारा की जा रही है।





