तालचेर मेडिकल कालेज के लिए धरना प्रदर्शन
अनुराग आचार्य (व्यौरोचीफ)
सरकार द्वारा तालचेर मेडिकल कॉलेज चलाए जाने की मांग को लेकर तालचेर उप जिलाधिकारी कार्यालय के सामने सामूहिक प्रदर्शन किया गया।
तालचेर शहर की पहचान कोयला खानो से है। वहीं केंद्र और राज्य सरकारो को तालचेर से हज़ारो करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है।
जबकि अंगुल जिले में प्रतिष्ठत औद्योगिक प्रतिष्ठान भी इन कोयला खदानों से कोयला लेकर हज़ारो करोड़ रुपये का उत्पादन कर रहे हैं।
पर प्रश्न यह है कि इतनी अधिक राजस्व देने के बावजूद स्थानीय लोगो को क्या मिला।
केवल धूल और विभिन्न रोग। हालांकि, सरकार जानबूझकर इस मुद्दे पर चुप रही है। इस मुद्दे को लेकर आज सुबह के नौ बजे स्थानीय "तालचेर मैडिकल कालेज कार्यकारिणी कमिटी" की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया,जिसमें प्रत्येक वर्ग के लोग शामिल हैं।
एमसीएल की ओर से 492 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया है, लेकिन छात्रों का नामांकन अभी तक शुरू नहीं हुआ है और ना ही सरकार की ओर से इसे कार्यक्षम किया गया है।"
हालांकि, सरकार तालचेर मेडिकल कॉलेज को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, और राज्य में चार और मेडिकल कॉलेज आरंभ करने के लिए तैयार है।
तालचेर मेडिकल कालेज कार्यकारिणी कमिटी की ओर से चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि इसे समय रहते कार्यक्षम नही किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ी धरना प्रदर्शन के साथ आर्थिक अवरोध किया जाएगा।





