तालचेर में आज बंद का आह्वान

तालचेर में आज बंद का आह्वान

अनुराग आचार्य (व्योरोचीफ) 

एमएलसीएल में आज और कल होने वाली हड़ताल की तैयारी बैठक। 
केंद्र सरकार की किसान विरोधी, मजदूर और जनविरोधी नीतियों के विरोध में तालचेर में 27 मार्च को देशभर के ट्रेड यूनियनों ने एक बैठक का आयोजन कर 28 और 29 मार्च को भारत बंद करने का फैसला किया है।
 हड़ताल के समर्थन में तालचेर प्रखंड के भरतपुर स्थित ब्राह्मणी क्लब परिसर में एम.एल.सी.एल. में तीन श्रमिक संगठनो आइ एन टी यू सी, एचएमएस और ए.आई.टी.सी.यू. की ओर से तैयारी बैठक की गयी.  इसमें सौभाग्य चंद्र प्रधान, महासचिव, ओडिशा कोलियरी वर्कर्स यूनियन, आई.एन.टी.यू.सी.(INTUC) द्वारा समर्थित, शंकर प्रसाद बेहरा, महासचिव, ओ.सी.एल.एम.एफ (OCLMF), एच.एल.एम.एस. (HLMS) द्वारा समर्थित, और ए.आई.टी.सी.(AITC) शामिल हैं।
इस बैठक में संगठन के सचिव संतोष कुमार शर्मा की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया कि हड़ताल के समर्थन में एमसीएल की सभी कोयला खदानों पर 24 घंटे की हड़ताल का आह्वान किया जाएगा, इस दौरान सभी कोयला खदानो में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर खान में उत्पादन कार्य, खनन कार्य, परिवहन आदि कार्य बंद रहेगी।  इसके अलावा श्रमिक संगठनों के पक्ष में 13 सूत्रिय मांग जैसे 44 श्रम कानून को चार श्रमकोड़ में परिणत किए जाने को लेकर इसपर तुरंत रोक लगाने, इसके अलावा, कोयला खदान श्रमिकों के लिए सी.एम.सी.एफ. फंड़ से ₹727.64 को जिसे स्टाॅक मार्केट में लगाया गया है जो अभी घाटे में चल रहा है, उस मूल धन को वापस करने के साथ इसकी सीबीआई जांच कर दोषियो को दंडित कराने की मांग की जा रही है।

सीएमपीएफएफ की ब्याज दर 8.5 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दी गई है, यह ब्याज दर नौ महीने से अपरिवर्तित रखी गई है। इसलिए जल्द से जल्द फैसला हो और मजदूरों को उचित वेतन दिया जाए, कोयला खदानों में काम करने वाले सभी कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये प्रतिमाह हो, सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, कीमत नियंत्रित करना, पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्रीय कर में कमी, स्थानीय लोगों को कोयला खदानों में रोजगार देने और सरकार से तालचेर मेडिकल कॉलेज चलाने की मांग की गई है।  
पता चला है कि इंडियन वर्कर्स यूनियन (IWU) हड़ताल में शामिल नहीं होगी।