जन्मदिन पर गीतो में जीवंत हो उठे किशोर कुमार
सिने कलाकार किशोर कुमार के जयंती के अवसर पर संगीत प्रेमीयो ने संगीत के माध्यम से उन्हें याद किया। उनके द्वारा गाए गए गीतो को अपने सूर में पिरो कर गीत के माध्यम से किशोर कुमार को जीवंत कर दिया ऐसे जैसे किशोर कुमार इन गीतकारो के गीत में उतर आया हो।
किशोर कुमार के जन्मदिन के अवसर पर बंडा़मुंडा-डिजल कालोनी स्थित ग्रीन एण्ड ग्रीन क्लब में संगीत प्रेमीयो ने एक संगीतमय कार्यक्रम आयोजित कर उनका जन्मदिन मनाया।
कार्यक्रम में सूर और ताल की बेजोड़ जुगलबंदी देखी गई, एक ओर जहाँ लीलमोहन सामंत, प्रसांत दास, कविंदर नाथ सिंह (अधिवक्ता),चुमकी, वैंकटराव, अमर, मनोज आदि गीतकारो ने किशोर कुमार द्वारा गाये गए गानो को गाया, वहीं की बोर्ड पर अमर, ड्रम में वैकी,पैड़ पर करमबीर,ढोलक पर अतुल, सोनिक पर मनोज, ने संगीत वादन कर माहौल को मधुर संगीत से भर दिया ध्वनि सुरीला और कर्णप्रिय हो इसका भार बीपीन ने संभाल रखी थी।
किशोर कुमार (जन्म: 4 अगस्त, 1929 खण्डवा मध्यप्रदेश निधन: 13 अक्टूबर, 1987) भारतीय सिनेमा के मशहूर पार्श्वगायक समुदाय में से एक रहे हैं। वे एक अच्छे अभिनेता के रूप में भी जाने जाते हैं। हिन्दी फ़िल्म उद्योग में उन्होंने बंगाली, हिन्दी, मराठी, असमी, गुजराती, कन्नड़, भोजपुरी, मलयालम, उड़िया और उर्दू सहित कई भारतीय भाषाओं में गाया था। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के लिए 8 फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीते और उस श्रेणी में सबसे ज्यादा फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। उसी साल उन्हें मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उस वर्ष के बाद से मध्यप्रदेश सरकार ने "किशोर कुमार पुरस्कार"(एक नया पुरस्कार) हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए चालु कर दिया था। (साभार : शोसल मीडिया)





