जगत के प्रथम पत्रकार ब्रह्मऋषि नारद जन्मोत्सव मनाई गई
हरहर शम्भु चौधरी (M. J.) मुख्य संपादक
राउरकेला के सेक्टर-3 स्थित भारतीय मजदूर संघ कार्यालय में ब्रह्मऋषि नारद मुनि का जन्मोत्सव पत्रकारो की उपस्थिति में मनाया गया।
इस अवसर पर "विश्व संवाद केन्द्र ओडिशा पश्चिम" द्वारा बीएमएस कार्यालय में आयोजित नारद जन्मोत्सव कार्यक्रम में पत्रकारो को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता राउरकेला म्युनिसिपल कालेज में बनस्पति विज्ञान के व्याख्याता एवं राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख सनातन प्रधान ने नारद मुनि को जगत का प्रथम पत्रकार बताया। उन्होने नारद मुनि की जीवनी पर चर्चा करते हुए कहा कि नारद मुनि त्रिलोक दर्शी है, उन्हें भूत, वर्तमान, भविष्य का ज्ञान है, नारद मुनि के बिषय में यह मिथ्या बाते कही जाती है कि वह झगड़ा लगाने वाले है। दरअसल वह एक सच्चे पत्रकार है और सच वयाँ करते है। वे देवताओ, दानवो,और जगत की खबरो का संचार करते है, और उन्हें आगाह करते है कि फलां कार्य गलत हो रहा है इसमें सुधार की आवश्यकता है।कई देव, दानव, गंधर्व, ने नारद की बात ना मानकर अपना ही अहित कर लिया। उन्होने आगे कहा कि आज भी नारद पत्रकारो के रूप में हमारे बीच उपस्थित है।
मुख्य अतिथि ओड़िया दैनिक समाचार पत्र परिमय के राउरकेला प्रमुख नरहरि दास ने वर्तमान समय में पत्रकारो की स्थिति का वर्णन करते हुए कहा कि आज के पत्रकार स्वतंत्र नही है वे बंधे हुए है। उनपर खबरो को लेकर कई तरह का दबाब बना रहता है। नारद मुनि के ऊपर ऐसा कुछ नही था। वे स्वतंत्र थे खबरो के लिए भी ओर विचरण के लिए भी। उन्हें अपनी इच्छानुसार समय यात्रा ( Time Travel ) करने की शक्ति प्रदान की गई थी। पत्रकारो को ऐसे कार्य नही करने चाहिए जिसका उत्तरदायित्व आनेवाली पीढ़ी हो।
सम्मानित अतिथि राजेश महान्ति ने कहा कि नारद शब्द सूनने पर नारायण की जगह नारद याद आते है। वह लोगों को उनकी खामियाँ बताकर उन्हें सुधारने का उपाय बताते थे एवं मोक्ष का रास्ता दिखाते थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया इस अवसर पर राउरकेला म्युनिसपल कालेज की छात्राओं ने मधुर स्वर में दीप प्रज्वलित मंत्र गाया। अतिथियो के बिचार विमर्श के बाद इन्हीं छात्राओं द्वारा वंदेमातरम गाया गया।
स्वागत भाषण और अतिथि परिचय राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के महानगर प्रचार प्रमुख राजकुमार नाथ ने दिया। उन्होने सभा में उपस्थित पत्रकारो का परिचय देते हुए कहा कि पत्रकारो के रूप में ब्रह्म ऋषि नारद आज भी हमारे बीच उपस्थित है। सत्य की पत्रकारिता के लिए कई बार पत्रकारो को विभिन्न प्रकार के यातनाओ से गुजरना होता है जो निंदनीय है। सरकार को पत्रकारो की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की जरूरत है।
सम्मानित अतिथि कविचंद्र महतो ने पत्रकार की कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक पत्रकार का जीवन तीन विंदुओ पर टिका होता है। सत्य, समस्या और समाधान। उन्होने अपने वक्तव्य के अंत में उपस्थित अतिथियो, पत्रकारो, छात्राओं का धन्यवाद अर्पण कर कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।





