कनून व्यवस्था की धज्जियां उडाते दबंग
महज चार हजार में बिक गई, पूरा का पूरा थाना ,खाकी पर कैसे करे भरोसा?
नितिन सिन्हा (संपादक : खबरसार)
छत्तीसगढ़ पुलिस से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने खाकी पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। पूरा वाक्या जानने के बाद जनता का पुलिस से भरोसा उठ जाएगा।
अपने घरेलू नौकर पर मोटरसाइकिल चोरी का आरोप लगा कर थाने से हथकड़ी खोलकर अपहरण कर ले गया दबंग, कसूर सिर्फ इतना कि वह घरेलू नौकर एक दलित युवक था। उसे किसी काम से मोटरसाइकिल की जरूरत आन पड़ी और उसने जिस घर में वह नौकर था इस घर का मोटरसाइकिल इस्तेमाल कर ली।
रायगढ़ में सुबह शहर के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया प्लेट फार्म इंस्टा ग्राम में एक ऐसा भयावह वायरल विडियो देखा,जिससे शहर के कुछ असामाजिक तत्वों ने अपने एकाउंट से पोस्ट किया था।
विडियो देखने वाले ज्यादातर लोग इस बात पर आश्चर्य चकित थे,कि शहर में भ्रष्ट पुलिस कर्मचारीयो की वजह से असामाजिक तत्वों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है,कि वे पिथौरा थाने से एक युवक का पुलिस वालों की मौजूदगी में जिसका नाम तरुण कुमार डहरिया, पिता नोहर डहरिया, निवासी सन्नी खोरा, थाना - पलारी, जिला बलौदा बाजार बताया जा रहा है, का हथकड़ी खोल कर उसका अपहरण कर लेते है और अपनी ब्रेजा कार में उसके साथ गाली गलौज करते हुए,रास्ते भर मारपीट करते हुए पिथौरा से रायगढ़ लाते है।
उस दबंग व्यक्ति का नाम राहुल सिंह है, सन्नी सरदार नाम के युवक ने पूरी घटना का विडियो बनाकर बकायदा सोशल मीडिया इंस्टाग्राम में पोस्ट किया है। इतना ही नही पीड़ित युवक के अनुसार उसे रायगढ़ लाकर स्टेशन चौक के आसपास कहीं रखकर पुनः घंटो तक दम भर मारा पीटा जाता है। फिर वही युवक उसे लाकर सीटी कोतवाली थाना पुलिस के हवाले कर देते है और उसे बुलेट चोर बताते है। जबकि पीड़ित का कहना है वह अपने मालिक राहुल सिंह से पूछकर मोटर साइकल लिया था।
इधर सोशल मिडिया में इस शर्मनाक विडियो को देखकर शहर के कुछ जागरूक लोग जब सामने आते है तो सीटी कोतवाली पुलिस मामले से अपना पल्ला झाड़ने लगती है।
संबंधित घटना में सीटी कोतवाली पुलिस शहर के जागरूक नागरिकों का आवेदन लेकर आरोपी असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए, उलट पीड़ित दलित युवक तरुण को भगाने में लग जाती है। वही आरोपी असमाजिक तत्वों को थाने से किसी के द्वारा सूचना देकर वायरल पोस्ट को तुरंत उड़ाने की सलाह दी जाती है। जिसके बात विडियो को इंस्टाग्राम से उड़ा तो दिया जाता है,परंतु वायरल विडियो को तब तक बड़ी संख्या में शहर के लोग देख चुके होते हैं।
फिर लोगों और मीडिया कर्मियों की सहायता से पीड़ित युवक लिखित शिकायत लेकर किसी तरह रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार के पास पहुंचता है। यहां भी साहब वायरल विडियो का अंश देखने के बाद भी सीटी कोतवाली पुलिस को उक्त संगीन मामले में शून्य प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर में अपराध कायम कर गुंडा तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का निर्देश देने के बजाए पूरे घटना क्रम को पिथौरा पुलिस थाने की घटना बताकर चलता कर देते है।।
आश्चर्य की बात यह है कि यह पूरा मामला पुलिस प्रशासन के द्वारा स्वतः संज्ञान में लेकर अपराध कायम करने योग्य होता है। फिर भी बिना किसी कार्यवाही के रायगढ़ पुलिस के द्वारा पीड़ित युवक को घर वापस जाकर पिथौरा थाना जाने की सलाह दी जाती है।
युवक की मदद करने आए लोगों से पुलिस आवेदन नही लेकर उन्हे भी पिथौरा पुलिस के द्वारा कार्यवाही करने की समझाईस देती है। फिलहाल मारपीट का यह विडियो इंस्टाग्राम से व्हाटसएप में लोगों के द्वारा खूब शेयर किया जा रहा।





